तिरुवनंतपुरम: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी की उन पर मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाने वाले लोगों के खिलाफ की गयी ‘‘वानर’’ टिप्पणी की केरल के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने सोमवार को कड़ी आलोचना की।
शिवनकुट्टी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यह टिप्पणियां ‘‘अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक’’ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।

मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारर्दिशता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताते हुए शिवनकुट्टी ने कहा कि ऐसी शिकायत दर्ज कराने वालों का मज़ाक उड़ाना और उन्हें बदनाम करना नागरिकों के लोकतंत्र पर भरोसे को कमजोर करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सुरेश गोपी को अपनी टिप्पणी वापस लेनी चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को शालीन भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।’’ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चाहे कितने भी राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन अपमान करने से बचना चाहिए।

शिक्षा मंत्री की इस प्रतिक्रिया से एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा था कि कांग्रेस और वाम दलों द्वारा लगाए गए मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों का जवाब देने की उन्हें जरूरत नहीं है और भारत निर्वाचन आयोग उन्हें इस संबंध में जवाब देगा।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने उन लोगों को ‘‘वानर’’ भी कहा था जिन्होंने उन पर मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्ष जोसेफ ताजेट ने ‘‘वानर’’ टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की संस्कृति उन्हें उसी भाषा में जवाब देने की अनुमति नहीं देती।

कांग्रेस ने पिछले हफ्ते गोपी पर यह आरोप लगाए थे कि उन्होंने 2024 के आम चुनाव के दौरान त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के लिए झूठा हलफनामा दाखिल किया था। कांग्रेस ने अभिनेता से नेता बने गोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

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