कोच्चि. केरल तट के पास एक कंटेनर में विस्फोट होने के बाद सिंगापुर के ध्वज वाले जहाज में भीषण आग लग गई. हालांकि, चालक दल के 18 सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि चार अब भी लापता हैं. रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी. यह घटना भारतीय समयानुसार सुबह 9.20 बजे, केरल के कन्नूर जिले के अझिक्कल से लगभग 44 समुद्री मील दूर और कोच्चि से 130 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में हुई.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों में से 18 को भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की मदद से बचा लिया गया है. उन्हें नौसेना के पोत आईएनएस सूरत के जरिये मंगलुरु बंदरगाह लाया जा रहा है, ताकि आगे की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें. सिंगापुर के ध्वज वाला जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा, मुंबई जा रहा था.

तट रक्षक बल की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ”आग ने तेजी से जहाज के मध्य भाग को अपनी चपेट में ले लिया. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि 10-15 कंटेनर पानी में गिर गए.” चालक दल के सदस्यों में आठ चीनी, छह ताइवानी, म्यांमा के पांच नागरिक और तीन इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं.

विज्ञप्ति में कहा गया है, ”विस्फोट और आग के फैलने के बाद, चालक दल ने जहाज को छोड़ दिया था. चालक दल के 18 सदस्यों को बचा लिया गया है, जबकि चार लापता हैं. खोज और बचाव अभियान अभी जारी है.” समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए फुटेज में सिंगापुर के ध्वज वाले कंटेनर जहाज के मध्य भाग में आग लगी दिखाई दे रही है. जहाज की लंबाई 270 मीटर है.

तटरक्षक बल ने कहा कि उसने तत्काल कार्रवाई शुरू की, हवाई निगरानी और स्थिति का आकलन करने के लिए जीवन रक्षक राफ्ट से लैस दो डोर्नियर विमान तैनात किए हैं. विशेष अग्निशमन और प्रदूषण प्रतिक्रिया जहाजों सहित पांच आईसीजी (भारतीय तटरक्षक बल) जहाजों को घटना स्थल पर भेजा गया है.

मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) ने इंटरनेशनल शेफ्टी नेट (आईएसएन) को सक्रिय कर दिया, जिससे पास के व्यापारिक जहाजों एमवी अम्बरा और एमवी वन मार्वल को बचाव कार्य में मदद करने के लिए भेजा गया. संकट की स्थिति का संदेश सबसे पहले एम.वी. केप वालेंसिया द्वारा एम.आर.सी.सी. मुंबई को भेजा गया था.

विज्ञप्ति में कहा गया है, ”जहाज से लगातार धुआं निकल रहा है तथा जहाज पर लगी आग के कारण आगे और भी विस्फोट होने का खतरा है. क्षेत्र में समुद्री यातायात को जहाज से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.” ‘फ्लैग एडमिंस्ट्रेशन ऑफ सिंगापुर’ को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है.

विज्ञप्ति के अनुसार, ”विशेष सहायता के लिए एसएमआईटी साल्वेज के साथ प्रारंभिक संपर्क स्थापित कर लिया गया है. मालिकों को प्रभावित कंटेनरों में माल की स्थिति का तत्काल आकलन और जानकारी देने ने का निर्देश भी दिया गया है.” रक्षा सूत्रों ने कहा कि जान बचाना और आग पर काबू पाना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस बीच, अझिक्कल बंदरगाह के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि जहाज के कंटेनरों में खतरनाक माल है, जिसमें ज्वलनशील ठोस पदार्थ, तरल पदार्थ और जहरीले पदार्थ शामिल हैं.

बंदरगाह के अधिकारी कैप्टन अरुण कुमार पी के ने संवाददाताओं को बताया कि जहाज के कंटेनरों में खतरनाक माल है, जिसमें ज्वलनशील तरल पदार्थ, ज्वलनशील ठोस पदार्थ, स्वत: दहनशील पदार्थ और जहरीले पदार्थ शामिल हैं. केरल तट के पास एक महीने में मालवाहक जहाजों से जुड़ी यह दूसरी घटना है. 24 मई को, लाइबेरिया के ध्वज वाला मालवाहक जहाज, एमएससी ईएलएसए-3, तट से 14.6 समुद्री मील दूर डूब गया था.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version