नयी दिल्ली: बीते एक दशक में भारत में खेल से जुड़ी हर व्यवस्था में सुधार होने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने ‘खेलो भारत’ नीति बनाई है और देश की तैयारियों का परिणाम है कि उसे 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दायित्व दिया गया है। राष्ट्रपति ने बजट सत्र से पहले संसद की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा, ”भारत के युवाओं और सरकार के साझा प्रयासों से देश में खेलों का भी अभूतपूर्व विकास हो रहा है।
जिस प्रकार हमारी बेटियों का और हमारे दिव्यांग साथियों का प्रदर्शन रहा है, वो शानदार है।” उन्होंने कहा, ”भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीता है। इसी प्रकार दृष्टिहीन महिला क्रिकेट टीम ने भी विश्व कप जीता। मैं अपनी बेटियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती हूं।” मुर्मू ने कहा कि बीते दशक में भारत में खेल से जुड़ी हर व्यवस्था में ‘रिफॉर्म’ किए गए हैं और सरकार ने खेलो भारत नीति बनाई है तथा खेलों से जुड़ी संस्थाओं को पारदर्शी बनाया है।
उन्होंने कहा, ”हमारी तैयारियों और आत्मविश्वास का परिणाम है कि भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दायित्व दिया गया है।” राष्ट्रपति ने देश के युवाओं के विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, ”मेरी सरकार ने देश की युवा-शक्ति को राष्ट्र-ंिचतन से जोड़ने के लिए विकसित-भारत – यंग लीडर्स डायलॉग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। इस वर्ष इस मंच पर करीब 50 लाख नौजवानों ने पंजीकरण किया। अभी तक ‘माय भारत’ संगठन से भी करीब 2 करोड़ युवा जुड़ चुके हैं।”
