राष्ट्रवाणी: मनोज यादव, कोरबा। मालती किन्नर की मौत के बाद कोरबा में किन्नर समाज में गद्दी को लेकर विवाद गहरा गया है। जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ने का दावा किया जा रहा है।

आरोप है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही अपनी चेले रानू किन्नर को गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया था, लेकिन अब गद्दी पर कब्जे को लेकर जंग छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि मालती किन्नर की मौत से पहले उन्होंने अपने एक चेले को गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित किया था। निधन के बाद उनके उत्तराधिकारी और बाहर से कोरबा पहुंचे किन्नर पक्ष के बीच गद्दी को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है।

इसी बीच जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक के कोरबा पहुंचने की जानकारी सामने आई है। गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जा रहा है कि शीतल नायक अपने साथ जम्मू से कुछ अन्य किन्नरों को लेकर पहुंची हैं। स्थानीय पक्ष का दावा है कि गद्दी पर अधिकार को लेकर उन्हें धमकाया जा रहा है।

मालती किन्नर की चेली रानू किन्नर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है कि उन्हें दबाव में लेने और डराने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, उनके साथ कथित तौर पर कुछ बाहरी लोग भी मौजूद हैं, जिन पर धमकाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पूरा विवाद किन्नर समाज में गद्दी और उत्तराधिकार से जुड़े नियमों को लेकर बताया जा रहा है। एक पक्ष का कहना है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही उत्तराधिकारी तय कर दिया था, जबकि दूसरे पक्ष के कोरबा पहुंचने के बाद इस अधिकार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में रायपुर से अनीता किन्नर और रायगढ़ की पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

किन्नर समाज के वरिष्ठों का कहना है कि परंपरा के अनुसार गुरु द्वारा बनाए गए उत्तराधिकारी को ही गद्दी मिलनी चाहिए। मालती किन्नर की मौत के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। गद्दी पर वास्तविक अधिकार किसका है और लगाए जा रहे धमकी के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल पूरे मामले में दोनों पक्षों की बात और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ने मामले में सतर्कता बरतने की बात कही है।

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