लेह. लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि 24 सितंबर को यहां हुई हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल हुए 100 से अधिक सुरक्षार्किमयों का हालचाल भी जाना. इस केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के लिए आज शाम यहां एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ‘शांति भंग’ करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

पिछले बुधवार को बंद के दौरान हुई भीषण झड़पों में चार लोगों की मौत हो गयी थी और कई अन्य घायल हो गए थे. अलग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में उसे शामिल करने की मांग के समर्थन में हुए आंदोलन का चेहरा सोनम वांगचुक समेत 60 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत राजस्थान की एक जेल में बंद हैं.

उपराज्यपाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ”हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. कानून अपना काम करेगा और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.” मुख्य सचिव पवन कोतवाल, पुलिस महानिदेशक एस.डी. सिंह जामवाल, सेना, सीआरपीएफ और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे तथा उन्होंने उपराज्यपाल को नवीनतम घटनाक्रम, क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा तैयारियों और अंतर-एजेंसी समन्वय के बारे में जानकारी दी.

गुप्ता ने 24 सितंबर को हुई हिंसा के दौरान घायल हुए सुरक्षार्किमयों का हालचाल जाना.गुप्ता ने आश्वासन दिया कि घायल र्किमयों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार मिलेगा . उन्होंने प्रशासन को उनके परिवारों को पूर्ण सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया. उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुरक्षा बलों द्वारा दिखाए गए साहस और समर्पण की सराहना की.
लद्दाख के लोगों की सराहना करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि यह क्षेत्र हमेशा से अपने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. उन्होंने लेह के नागरिकों द्वारा सामान्य स्थिति शीघ्र बहाल करने में दिखाई गई परिपक्वता और संयम की भी सराहना की.

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