राष्ट्रवाणी: बाजार नियामक सेबी ने सरकार को म्यूचुअल फंड बेचकर दोबारा निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स हटाने का प्रस्ताव दिया है। सेबी ने सरकार को LTCG टैक्स हटाने का प्रस्ताव दिया। म्यूचुअल फंड बेचकर दोबारा निवेश पर लागू हो।
FIIs पर लगाए गए LTCG टैक्स को हटाने की सिफारिश की है। नई दिल्ली। शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से LTCG और STT को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।
इस बीच एक बड़ी खबर निकलकर आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने सरकार को LTCG टैक्स हटाने का प्रस्ताव दिया है। म्यूचुअल फंड बेचकर दोबारा निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाने का प्रस्ताव है।
इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले दो सूत्रों रॉयटर्स को बताया कि भारत के बाजार नियामक ने सरकार से विदेशी निवेशकों पर लगाए गए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को हटाने की सिफारिश की है। भारत अपने इक्विटी बाजारों को गति देने की कोशिश कर रहा है, जो अभी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए टैक्स में राहत का प्रस्ताव दिया है। इसमें सुझाव दिया गया है कि अगर निवेशक अपनी मौजूदा होल्डिंग्स को बेचकर नई होल्डिंग्स में निवेश करते हैं, तो उन्हें LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स) से छूट दी जानी चाहिए।
सेबी की ये सिफारिशें, पिछले दो वर्षों में विदेशी निवेशकों के साथ नियामक की कई बैठकों के बाद आई हैं। इस दौरान लगातार बिकवाली होती रही, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव पड़ा। सूत्रों के अनुसार, निवेशकों की ओर से लगातार एक ही बात कही गई है कि भारत में उन पर लगाए जाने वाले करों के तरीके में बदलाव की जरूरत है।
दरअसल, पिछले दो वर्षों में भारत का इक्विटी बाज़ार अन्य उभरते बाज़ारों के मुकाबले पीछे रह गया है, और इसकी एक बड़ी वजह ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली। इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की बिकवाली की है, और रिटर्न में ठहराव आने के कारण खुदरा निवेशकों (रिटेल इन्वेस्टर्स) द्वारा विदेशों में किए जाने वाले निवेश में भारी उछाल आया है।

