नयी दिल्ली. दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट भारत में एआई-सक्षम भविष्य के लिए जरूरी अवसंरचना, कौशल एवं स्वायत्त क्षमताओं के विकास के लिए 17.5 अरब डॉलर (करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी. माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस निवेश योजना की जानकारी दी. यह पिछले दो महीनों में देश में की गई तीसरी बड़ी एआई-केंद्रित निवेश घोषणा है.

नडेला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”देश की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जता रही है. यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. इससे भारत के एआई भविष्य के लिए जरूरी अवसंरचना, कौशल और स्वायत्त क्षमताएं तैयार की जा सकेंगी.” माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान में कहा कि कंपनी 2026 से 2029 के बीच अगले चार वर्षों में भारत में 17.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिससे एआई को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी ने कहा कि यह निवेश जनवरी, 2025 में घोषित तीन अरब डॉलर की पिछली निवेश प्रतिबद्धता के अतिरिक्त है. नडेला की प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, ”बैठक में देश के एआई मसौदे और विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई.” इसके पहले गूगल ने 14 अक्टूबर को पांच वर्षों के भीतर 15 अरब डॉलर निवेश करके भारत में एक एआई केंद्र स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसमें अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर भी शामिल होगा.

इसके बाद डिजिटल कनेक्शन ने भी 11 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो ब्रुकफील्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अमेरिका की डिजिटल रियल्टी का संयुक्त उद्यम है. माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि हैदराबाद स्थित उसका ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन’ 2026 के मध्य में शुरू हो जाएगा, जिसका कुल आकार लगभग दो ईडन गार्डन स्टेडियम के बराबर है. कंपनी ने भारत में एआई कौशल से लैस प्रतिभा विकसित करने के अपने लक्ष्य को एक करोड़ से दोगुना करते हुए 2030 तक दो करोड़ लोगों को एआई कौशल देने का संकल्प लिया है.

बयान के मुताबिक, ”जनवरी 2025 में किए गए अपने संकल्प को दोगुना करते हुए हम सरकार, उद्योग और डिजिटल सार्वजनिक मंच के साथ मिलकर 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को आवश्यक एआई कौशल से लैस करेंगे.” एडवांटेज इंडिया कार्यक्रम के तहत कंपनी ने जनवरी 2025 से अब तक 56 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया है.

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत नवाचार, विश्वास और स्वायत्त क्षमताओं पर आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था के नए एआई युग के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का यह ऐतिहासिक निवेश दुनिया के लिए भारत को एक भरोसेमंद प्रौद्योगिकी साझेदार के रूप में स्थापित करता है. यह साझेदारी देश की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से एआई सार्वजनिक अवसंरचना तक की छलांग को नई गति देगी.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version