राष्ट्रवाणी: आम का अचार कई घरों में बनता है. इसका चटपटा स्वाद खाने का मजा दोगुना कर देता है. हालांकि, कई बार जार खोलने पर अचार के ऊपर सफेद, हरी या काली परत दिखने लगती है. यह फफूंदी होती है. बहुत से लोग सोचते हैं कि ऊपर की परत हटा दें और बाकी अचार खा लें, पर ऐसा करना सही नहीं है. फफूंदी लगा अचार सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. आम के अचार में फफूंदी लगने की सबसे बड़ी वजह नमी होती है. अगर आम के टुकड़ों में थोड़ा भी पानी रह जाए, तो अचार जल्दी खराब होता है. गीले चम्मच से अचार निकालने या जार में नमी पहुंचने पर भी यही दिक्कत होती है. इसके अलावा अगर अचार के टुकड़े तेल में ठीक से डूबे नहीं हैं, तो ऊपर के टुकड़े हवा के संपर्क में आ जाते हैं और वहां फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है. रेसिपी में नमक और तेल की मात्रा कम रह जाए, तो भी अचार जल्दी खराब होता है. अगर अचार पर फफूंदी दिखे, तो सिर्फ ऊपर की परत हटाकर बाकी अचार न खाएं. फफूंदी के बीजाणु अंदर तक फैल चुके होते हैं, जो आंखों से दिखाई नहीं देते. ऐसे अचार में ऊपर से तेल डालने या उसे धूप में रखने से भी वह सुरक्षित नहीं हो जाता. उसे चखकर जांचने की गलती भी न करें. सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि पूरा अचार फेंक दें. इसके बाद जार को अच्छी तरह धोएं और धूप में या साफ कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें, तभी उसमें दोबारा अचार रखें. आम के टुकड़ों को धोने के बाद साफ कपड़े पर फैलाकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि जरा भी नमी न बचे. अचार रखने के लिए साफ और पूरी तरह सूखा कांच या चीनी मिट्टी का जार इस्तेमाल करें. अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें और हर बार इस्तेमाल के बाद जार का ढक्कन कसकर बंद करें. ध्यान रखें कि अचार के टुकड़े तेल में पूरी तरह डूबे रहें, जरूरत लगे तो ऊपर से थोड़ा और तेल डाल दें. अचार को ऐसी जगह रखें जहां नमी न हो और सीधी धूप या गर्मी कम लगे. साथ ही रेसिपी में बताई गई नमक और तेल की मात्रा का भी ध्यान रखें. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से फफूंदी लगने का खतरा काफी कम होता है और अचार लंबे समय तक सही रहता है. निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

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