छत्रपति संभाजीनगर. आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को कहा कि अब मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के सदस्यों को आरक्षण मिलेगा. उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और उनके फैसले पर भरोसा रखने की अपील की. अनशन समाप्त करके मुंबई से लौटे जरांगे (43) छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां वह शरीर में पानी की कमी और रक्त शर्करा कम होने से संबंधित समस्या का इलाज करा रहे हैं.

उन्होंने कहा, “हमने जीत हासिल की है और इसका श्रेय मराठा समुदाय को जाता है. मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के मराठों को अब आरक्षण मिलेगा.” पात्र मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने समेत अधिकांश मांगों को महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्वीकार करने किए जाने के बाद जरांगे ने पांच दिन चला अनशन मंगलवार को समाप्त कर दिया. कुनबी प्रमाण पत्र हासिल होने से मराठों को शिक्षा और नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.

जरांगे ने भाजपा के वरिष्ठ मंत्री और मराठा आरक्षण से संबंधित कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख राधाकृष्ण विखे पाटिल और समिति के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अपनी भूख हड़ताल समाप्त की. वह 29 अगस्त से आजाद मैदान में आंदोलन कर रहे थे. जरांगे ने कहा, “राज्य सरकार ने अब तक हमारे पक्ष में एक भी पंक्ति नहीं लिखी है. लोगों को ‘जोकर टाइप’ लोगों (जिन्होंने उनके कदम की आलोचना की है) पर विश्वास नहीं करना चाहिए. इस फैसले के खिलाफ बोलने वालों ने मराठा समुदाय के लिए कुछ नहीं किया है.” कार्यकर्ता ने कहा कि उनके समुदाय के लोग अंतत? आंदोलन वापस लेने के उनके फैसले को समझेंगे.

उन्होंने कहा, “मराठवाड़ा क्षेत्र में किसी भी मराठा को आरक्षण से वंचित नहीं रखा जाएगा.” जरांगे ने कहा कि मराठों की कुनबी वंशावली स्थापित करने में मदद करने के लिए ग्राम-स्तरीय समितियां बनाई जाएंगी. उन्होंने कहा, “समुदाय खुश है, मैं खुश हूं.” जरांगे ने कहा, “समुदाय को शांति बनाए रखनी चाहिए और (उनके फैसले पर) भरोसा रखना चाहिए. सब कुछ सही है, और अगर कुछ गड़बड़ हुई भी, तो हम उसे ठीक कर देंगे. कल (मंगलवार) मुझसे मिलने आए लोगों ने मुझे यही जबान दी है.”

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