मुंबइ. वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख के बीच स्थानीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त में रहे. बीएसई सेंसेक्स 76 अंक के लाभ में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 32 अंक की तेजी आई. इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में तेजी आई, जिसका घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा. कारोबार के आखिरी घंटे में निवेशकों की मुनाफावसूली के बावजूद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 76.54 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,787.30 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला और बाद में वाहन, पेट्रोलियम और निजी बैंक शेयरों में तेजी के साथ 460.62 अंक यानी 0.57 प्रतिशत चढ़कर 81,171.38 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, आईटी और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) के शेयरों में बिकवाली ने अंत में बढ़त को सीमित कर दिया.
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 32.15 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,773.15 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स में सबसे ज्यादा 3.97 प्रतिशत की तेजी रही जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.96 प्रतिशत की बढ़त में रहा. इसके अलावा मारुति, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी लाभ में रहे. दूसरी तरफ, ट्रेंट में 3.81 प्रतिशत की गिरावट आई. एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, टीसीएस, पावर ग्रिड और सन फार्मा भी भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजार अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सका क्योंकि सत्र के आखिर में हुई बिकवाली ने ‘गिरावट पर खरीदारी, तेजी पर बिकवाली’ की प्रचलित रणनीति को प्रतिबिंबित किया. इससे निवेशक सतर्क दिखे. जीएसटी दरों में कटौती के बाद मांग में सुधार की उम्मीद में वाहन और सहायक कंपनियों के शेयरों में तेजी जारी रही, जबकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आईटी शेयर कमजोर रहे.
उन्होंने कहा, ”अमेरिका में नौकरियों के कमजोर आंकड़ों से सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने के बाद वैश्विक स्तर पर धारणा कुछ मजबूत हुई है.” बीएसई में सूचीबद्ध 2,286 कंपनियों के शेयरों में तेजी रही जबकि 1,940 में गिरावट दर्ज की गयी. 181 के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”बाजार ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की और मिश्रित संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ.” उन्होंने कहा, ”निफ्टी 24,800 अंक के ऊपर मजबूती के साथ खुलने के बाद, दिन भर धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ता रहा. हालांकि, अंतिम घंटे में भारी मुनाफावसूली ने बढ़त को कम कर दिया. जीएसटी दर में कटौती के सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के उदार संकेतों से निवेशकों की धारणा को मजबूती मिली.” एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक दायरे में रहे.
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था. शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे. अमेरिका में जारी आंकड़ों के अनुसार, गैर-कृषि क्षेत्र में केवल 22,000 नौकरियां जुड़ीं, जबकि बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई. इन कमजोर आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर घटाने को लेकर उम्मीद बढ़ी है.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,304.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,821.23 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.88 प्रतिशत बढ़कर 66.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. सेंसेक्स में शुक्रवार को 7.25 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 6.70 अंक के लाभ में रहा था.
