नई दिल्ली: ‘घूसखोर पंडित’ के बाद फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ अपने टाइटल को लेकर विवादों में आ गई है। विश्व यादव परिषद के प्रमुख ने फिल्म पर बैन लगाने या फिल्म का टाइटल बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें एक हिंदू लड़की एक मुस्लिम लड़के से शादी करती है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि नाम यादव समुदाय को गलत तरीके से नहीं दिखाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?

पीटीआई के मुताबिक, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने विश्व यादव परिषद के चीफ की याचिका खारिज कर दी है। बेंच ने कहा ‘रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को देखा और पाया कि शिकायत यह है कि फिल्म का नाम यादव कम्युनिटी को समाज में गलत तरीके से दिखाता है। इसलिए, इसका नाम बदला जाना चाहिए। हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि किसी फिल्म का टाइटल समुदाय को गलत तरीके से कैसे दिखा सकता है। फिल्म के टाइटल में कहीं भी ऐसा कोई शब्द नहीं है, जो यादव समुदाय को गलत तरीके से दिखाए।’

‘घूसखोर पंडित’ का दिया हवाला

घूसखोर पंडित से जुड़े ऐसे ही एक मामले का जिक्र करते हुए, बेंच ने आशंकाओं को बेबुनियाद बताया। बेंच ने अपने पहले के ऑर्डर को अलग बताया जिसमें उसने प्रोड्यूसर से उस फिल्म का टाइटल बदलने को कहा था। ऑर्डर में कहा गया, ‘इंग्लिश में ‘घूसखोर’ का मतलब भ्रष्ट होता है। इसलिए कम्युनिटी के साथ एक नेगेटिव मतलब जोड़ा जा रहा था। इस मामले में यादव कम्युनिटी के साथ ऐसी कोई नकारात्मकता नहीं जुड़ी है। संविधान के तहत आर्टिकल 19(2) (बोलने और बोलने की आजादी पर सही रोक) के तहत कोई भी रोक नहीं लगती है। यह नाम किसी भी तरह से यादव कम्युनिटी को नकारात्मक तरीके से नहीं दिखाता है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है।’

कब रिलीज होगी फिल्म?

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि वे अलग-अलग बिरादरी में शादी का विरोध नहीं करते, लेकिन फिल्म में एक महिला को जिस तरह से दिखाया गया है, वह मंजूर नहीं है। लेकिन बेंच इससे सहमत नहीं हुई। उसने फिल्म को फिक्शन की कैटेगरी में डाल दिया। यादव जी की लव स्टोरी 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।



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