एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात देश के स्वाभिमान और स्वर्ण पदक की आती है, तो भारत का निशाना कभी चूकता नहीं। जापानी सरजमीं (नागोया) पर भारतीय जोड़ी ने अपने अचूक निशानों से विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए और देश की झोली में एक और चमकदार सोने का तमगा डाल दिया।
25 सितंबर की सुबह एशियन गेम्स 2026 के सातवें दिन 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में सुरुचि सिंह और कमलजीत की भारतीय जोड़ी ने शुरुआती दौर से ही अपना दबदबा बनाए रखा। दबाव के क्षणों में भी भारतीय एथलीटों ने लोहे जैसा जिगरा दिखाया और प्रतिद्वंद्वी टीम को संभलने का एक मौका तक नहीं दिया। सटीक निशाना, अटूट एकाग्रता और भारत की विजय गाथा ने विरोधी देशों को यह बता दिया है कि वैश्विक खेलों के मंच पर अब भारत को पछाड़ना नामुमकिन है।
सुरुचि और कमलजीत का यह प्रदर्शन सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का सीधा संदेश है। भारत अब केवल भाग लेने नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर हुकूमत करने उतरता है।
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