भवानीपटना/भुवनेश्वर. ओडिशा में एक व्यापारी से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के एक दिन बाद, युवा आईएएस अधिकारी धीमान चकमा को सोमवार को एक अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सतर्कता अधिकारियों ने रविवार को कालाहांडी जिले में उनके आवास से 47 लाख रुपये नकद बरामद किए. वह धर्मगढ़ के उपजिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थे.
पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) एम. राधाकृष्ण ने एक बयान में कहा कि चकमा को भवानीपटना के विशेष सतर्कता न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सतर्कता विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, 2021 बैच के आईएएस अधिकारी ने एक स्थानीय व्यवसायी को धमकी दी थी कि अगर उसने 20 लाख रुपये नहीं दिए, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. व्यवसायी ने मामले की सूचना सतर्कता अधिकारियों को दी.
बयान में कहा गया, “शिकायत के आधार पर 8 जून, 2025 की रात को जाल बिछाया गया, जिसमें आरोपी धीमान चकमा को ओडिशा सतर्कता की एक टीम ने कालाहांडी जिले के धरमगढ़ में उसके सरकारी क्वार्टर से गिरफ्तार कर लिया.” इसमें कहा गया कि आरोपी को 10 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया और गवाहों की मौजूदगी में उसके कब्जे से पूरी रकम बरामद कर ली गई. इसके बाद विभाग ने चकमा के सरकारी आवास और उनके कार्यालय कक्ष पर एक साथ तलाशी ली.
राधाकृष्ण ने बताया, “तलाशी के दौरान धरमगढ़ स्थित उनके घर से 47 लाख रुपए नकद बरामद किए गए. चूंकि, वह इतनी बड़ी नकदी के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए, इसलिए उसे जब्त कर लिया गया.” एसपी ने बताया कि आईएएस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.