लाहौर. एशिया कप में भारत के हाथों राष्ट्रीय टीम की लगातार तीसरी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं और उपहास का सामना करना पड़ा तथा उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग उठ रही है. रविवार को हुए फाइनल में पाकिस्तान भारत से हार गया जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी से विजेता ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया जो एशियाई क्रिकेट परिषद के भी प्रमुख हैं.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने एक्स पर लिखा, ”अगर इस ‘चुने हुए’ प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन्हें मोहसिन नकवी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने इतने कम समय में पाकिस्तान क्रिकेट को बर्बाद कर दिया है.” उन्होंने आगे कहा, ”इस बेशर्म आदमी को कोई पछतावा नहीं है लेकिन जिन लोगों ने उसे नियुक्त किया है उन्हें सोचना चाहिए. उसे तुरंत हटाया जाना चाहिए.” सिंध के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद जुबैर ने भी नकवी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया जिसके कारण टीम को चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के हाथों लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा.

जुबैर ने दावा किया, ”इस आदमी ने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बाबर आजम को टीम से बाहर कर दिया. उसने पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज रिजवान को भी टीम से बाहर कर दिया और उनकी जगह सलमान आगा और हारिस जैसे खिलाड़ियों को चुना. उसने हमारी बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया.” जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजनीतिक तुलना करते हुए कहा, ”मोहसिन नकवी क्रिकेट के साथ वही कर रहे हैं जो सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पाकिस्तान के साथ कर रहे हैं.” अन्य लोगों ने नकवी पर असली प्रतिभाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

पत्रकार उमर दराज गोंडल ने कहा कि चाहे भारतीय कप्तान नकवी से हाथ मिलाने या ट्रॉफी लेने से इनकार करें लेकिन, “एकमात्र जवाब यही है कि स्टेडियम में भारत को हराकर उनका मुंह बंद कर दिया जाए.” उन्होंने आगे आरोप लगाया, ”पाकिस्तान में क्रिकेट का पतन हो चुका है, हॉकी की तरह. क्यों? क्योंकि नकवी को ‘बिग बॉस’ से मिलीभगत के जरिए नियुक्त किया गया था और वह सिर्फ इसलिए अध्यक्ष बने क्योंकि वह उनके चहेते हैं. कोई भी उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता.”



राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version