न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन की एक रिपोर्ट में चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा व अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग को उजागर किया है और कहा है कि चीन ने पाकिस्तान में संभवत: एक सैन्य अड्डा स्थापित करने पर भी विचार किया है.
अमेरिकी युद्ध विभाग ने मंगलवार को संसद में प्रस्तुत अपनी वार्षिक ‘चीन गणराज्य से संबंधित सैन्य और सुरक्षा घटनाक्रम रिपोर्ट’ में बताया कि जन मुक्ति (पीएलए) अतिरिक्त सैन्य सुविधाएं स्थापित करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है और योजना बना रही है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सुविधाओं से नौसेना और वायुसेना के साथ-साथ थलसेना को भी मदद मिलेगी.

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान उन देशों में से एक है, जहां चीन ने संभावित रूप से एक अड्डा स्थापित करने पर विचार किया है. रिपोर्ट में कहा गया है, “चीन ने संभावित रूप से अंगोला, बांग्लादेश, बर्मा, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इंडोनेशिया, केन्या, मोजाम्बिक, नामीबिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स, सोलोमन आइलैंड्स, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात और वनुआतु में अड्डा स्थापित करने पर भी विचार किया है.” रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पीएलए संभवत? सबसे अधिक मलक्का जलडमरूमध्य, हॉर्मूज जलडमरूमध्य और अफ्रीका तथा मध्य एशिया के अन्य क्षेत्रों में समुद्री संचार मार्गों तक सैन्य पहुंच बनाने में रुचि रखती है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने तीन लड़ाकू विमान निर्यात के लिए पेश किए हैं, जिनमें पांचवीं पीढ़ी का एफसी-31, चौथी पीढ़ी का जे-10सी मल्टीरोल लड़ाकू विमान, और चीन-पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित जेएफ-17 हल्का लड़ाकू विमान भी शामिल है.
रिपोर्ट के अनुसार इन विमानों के अलावा, चीन ने काइहोंग और विंग लूंग ड्रोन की अल्जीरिया, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, इराक, मोरक्को, म्यांमार, पाकिस्तान, र्सिबया और यूएई को आपूर्ति की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2025 तक, चीन ने पाकिस्तान को 20 जे-10सी विमानों की आपूर्ति की है.

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