मुंबई. इमरान हाशमी अभिनीत फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ के निर्देशक तेजस देओस्कर ने कहा की फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन काफी हद तक इसलिए प्रभावित हुआ क्योंकि पहलगाम हमलों के कारण दर्शक फिल्म देखने के मूड में नहीं थे. हालांकि निर्देशक ने फिल्म को मिली प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया.

फिल्म में हाशमी ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अधिकारी नरेन्द्र नाथ धर दुबे की मुख्य भूमिका निभाई है. अधिकारी ने 2001 में संसद और अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकवादी हमलों के ‘मास्टरमाइंड’ को पकड़ने के अभियान का नेतृत्व किया था. यह फिल्म 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के तीन दिन बाद रिलीज हुई थी. हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे.

निर्देशक ने हाल ही में संपन्न हुए भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के रेड कार्पेट पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”दुर्भाग्यवश, पहलगाम हमला फिल्म की रिलीज से दो दिन पहले हुआ, इसलिए पूरा देश कोई भी फिल्म देखने के मूड में नहीं था.” उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो कुछ हुआ और लोगों की जिस तरह से जान गई, उसे लेकर हम सभी चिंतित थे. उस दौरान हम सचमुच शोक में थे. इसलिए हम दर्शकों को कोई दोष नहीं देते. हां, यह और बेहतर हो सकता था. लेकिन मुझे इस बात पर भी गर्व है कि ‘ग्राउंड जीरो’ भी एक ऐसे विषय पर आधारित है जो पहलगाम की स्थिति के बहुत करीब है.”

दोओस्कर को ‘बकेट लिस्ट’, ‘छतरीवाली’ और ‘अजिंक्य’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए भी जाना जाता है. उन्होंने कहा, ”बहुत से लोग हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं और ‘ग्राउंड जीरो’ उन्हीं में से एक नरेन्द्र नाथ धर दुबे की कहानी है.” देओस्कर ने कहा, ”हम कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान सुरक्षित महसूस कर रहे थे, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा सुनिश्चित की थी. जब हम शूटिंग कर रहे थे, तो जम्मू-कश्मीर में माहौल बिल्कुल शांतिपूर्ण था. जब हम फिल्मांकन के लिए स्थान का मुआयना कर रहे थे, तब मैं व्यक्तिगत रूप से पहलगाम (हमले) वाली जगह पर गया था, लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सुरक्षित नहीं है या हमारे साथ कुछ हो जाएगा.” ‘ग्राउंड जीरो’ 25 अप्रैल को रिलीज की गई. इसमें साईं ताम्हणकर और जोया हुसैन की भी अहम भूमिका है.

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