रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस का अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठाकर इसका समर्थन किया। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने प्रवीण चौबे पर भी कार्रवाई की मांग की।

कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेना चाहता। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि आने वाले दिनों में रविंद्र चौबे पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

बैठक में उठे सवाल
बैठक में कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कार्रवाई केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर होती है, जबकि बड़े नेताओं की अनुशासनहीनता पर चुप्पी साध ली जाती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिलाध्यक्षों और नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने-अपने “चमचों” को संभालकर रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन को कमजोर करने वाले बयानों के लिए शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार नहीं, बल्कि ऐसे बयान फैलाने वाले कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं।

चौबे ने दिया था विवादित बयान
गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बाद में चौबे ने सफाई देते हुए यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।

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