राष्ट्रवाणी: रोहित कश्यप, मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के नगर पंचायत जरहागांव स्थित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान तक पहुंचने वाली सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और अव्यवस्थित रास्ते के कारण स्थानीय लोग एवं मदिरा दुकान तक पहुंचने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहनों से आने-जाने वालों के लिए रास्ता चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय लोगों और मदिरा दुकान तक आने वाले ग्राहकों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण कई बार लोग फिसलकर गिर रहे हैं और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
कीचड़ और गड्ढों के बीच वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से आवाजाही करनी पड़ती है। मदिरा दुकान से होने वाली शराब बिक्री से सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त होता है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि जिले में प्रतिदिन शराब की बिक्री का कारोबार करीब एक करोड़ रुपये तक बताया जाता है। जबकि इस शराब दुकान से लाखों रुपये का कारोबार होता है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस कारोबार से शासन को बड़ी मात्रा में राजस्व मिलता है, उससे जुड़े उपभोक्ताओं को दुकान तक पहुंचने के लिए इतनी बदहाल सड़क से क्यों गुजरना पड़ रहा है?
लोगों का कहना है कि शराब खरीदने के लिए निर्धारित मदिरा दुकान तक पहुंचने का रास्ता ही यदि कीचड़ और गड्ढों से भरा हो तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कुछ मदिरा प्रेमियों का यह भी कहना है कि खराब सड़क और दुकान तक पहुंचने में हो रही परेशानी के कारण कुछ लोग आसपास से ब्लैक में अतिरिक्त बीस से चालीस रुपये कीमत देकर शराब खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
उनका दावा है कि निर्धारित दुकान तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण लोग सुविधा के लिए अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराने वालों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, ब्लैक में शराब बिक्री के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह आबकारी विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
जरहागांव की मदिरा दुकान तक पहुंचने वाली सड़क की हालत को लेकर लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत या सुधार की दिशा में जिम्मेदार विभाग को तत्काल ध्यान देना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों एवं राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो और संभावित दुर्घटनाओं को भी रोका जा सके।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस बदहाल सड़क को लेकर कब तक संज्ञान लेता है और कीचड़ व गड्ढों से भरे इस रास्ते को कब तक आवागमन के लायक बनाया जाता है। इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर साय ने कहा कि बीच-बीच में सड़क की मरम्मत कराई जाती है। नहर किनारे का रोड है, इसलिए संबंधित विभाग को नवीन सड़क बनाए जाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।

