कोलकाता. पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) ने नयी भर्ती प्रक्रिया के लिए 100 शिक्षकों के आवेदन खारिज कर दिए हैं. इन शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने के तरीके के कारण ”दागी” करार दिया गया था. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

अधिकारी के मुताबिक, ये शिक्षक उन 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल हैं, जिनकी नियुक्तियां तीन अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दी थी. उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के बाद कि उन्हें नौकरी कैसे मिली, कुल 1,803 शिक्षकों को ”दागी” के रूप में चिह्नित किया गया था और ये 100 शिक्षक उनमें से थे.

अधिकारी ने कहा, ”इन 100 शिक्षकों ने आगामी राज्य स्तरीय चयन परीक्षा (एसएलएसटी) 2025 के लिए डब्ल्यूबीएसएससी की वेबसाइट पर आवेदन किया था. उन्हें अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की अनुमति नहीं दी गई. ऐसा उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार किया गया.” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 35,726 सहायक अध्यापक पदों के लिए एसएलएसटी सात और 14 सितंबर को आयोजित की जाएगी. अधिकारी के मुताबिक, परीक्षा के लिए लगभग 5.8 लाख अनंतिम प्रवेश पत्र जारी किए गए थे. उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया था, जिसमें 25,753 शिक्षकों और शिक्षार्किमयों की नियुक्तियां रद्द करने के शीर्ष अदालत के तीन अप्रैल के फैसले पर पुर्निवचार करने का अनुरोध किया गया था.

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