नयी दिल्ली. दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि पति द्वारा अपनी सारी संपत्ति पत्नी को देना एक ”स्वस्थ परंपरा” है. उन्होंने अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों के इस दावे का खंडन किया कि उनके पिता की कथित वसीयत संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आई है.

प्रिया कपूर के वकील ने कहा कि यही स्थिति उनके ससुर और संजय के पिता की भी है, जिन्होंने अपनी ‘वसीयत’ में सब कुछ अपनी पत्नी रानी कपूर को दे दिया था. प्रिया कपूर का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने न्यायमूर्ति ज्योति सिंह के समक्ष कहा, ”एक पति द्वारा अपनी सारी संपत्ति अपनी पत्नी को देना कोई संदेह की बात नहीं है. जैसा कि मेरे ससुर की ‘वसीयत’ में है, जहां सब कुछ उनकी पत्नी को दे दिया गया था.” उन्होंने कहा, ”यह एक स्वस्थ परंपरा है जिसे शायद कायम रखा गया है.” अदालत करिश्मा कपूर के बच्चों – समायरा कपूर और उनके भाई – की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उनके दिवंगत पिता संजय कपूर की कथित तौर पर 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की वसीयत को चुनौती दी गई है.

सुनवाई के दौरान, नायर ने दावा किया कि 10 फरवरी, 2025 को वसीयत का प्रिंटआउट संजय कपूर को दिखाया गया था, जिन्होंने कुछ बदलाव सुझाए थे. उन्होंने बताया कि मसौदे में अंतिम संशोधन 17 मार्च, 2025 को किया गया था. उन्होंने बताया कि यह संशोधन तब किया गया था जब संजय गोवा में थे.

वकील ने कहा कि यह उत्तराधिकार से वंचित करने का मामला नहीं है, क्योंकि प्रिया कपूर का मामला यह है कि दोनों वादियों को पारिवारिक ट्रस्ट के तहत 2,000 करोड़ रुपये का लाभकारी हित प्राप्त हुआ है. अदालत करिश्मा कपूर के बच्चों द्वारा दायर एक अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर भी सुनवाई कर रही है, जिसमें प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति हस्तांतरित करने से रोकने का अनुरोध किया गया है. बच्चों ने कथित वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया है.
संजय कपूर का 12 जून, 2025 को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान निधन हो गया था.

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