मुंबई: शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कथित 50,000 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले की जांच और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिरसाट ने हालांकि पहले ही आरोपों से इनकार कर दिया है, और अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी उन्हें खारिज कर दिया है तथा राउत को सबूत पेश करके उनके दावों की पुष्टि करने की चुनौती दी है।
पत्र में राउत ने दावा किया कि रायगढ़ में 4,078 एकड़ वन भूमि अवैध रूप से एक बिवलकर परिवार को हस्तांतरित कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 वर्षों से अपात्र माने जा रहे परिवार को ंिशदे की अध्यक्षता वाले शहरी विकास मंत्रालय और सरकारी योजना एजेंसी सिडको ने मनमाने ढंग से पात्र मान लिया।

उस समय शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट सिडको के अध्यक्ष थे। राउत ने आरोप लगाया कि भूमि आवंटन जल्दबाजी में किया गया। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, क्षेत्र के हजारों परियोजना प्रभावित लोगों को सिडको की आवंटन योजना के तहत जमीन नहीं मिल पा रही है।

राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि इस दौरान काफी रिश्वत का लेन-देन हुआ। शाह को लिखे पत्र में राउत ने कहा, ह्लमैं रायगढ़ जिले के परियोजना प्रभावित लोगों की ओर से मांग करता हूं कि ंिशदे और शिरसाट को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और 50,000 करोड़ रुपये के इस भूमि घोटाले के संबंध में मामला दर्ज किया जाए तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराई जाए।ह्व

राकांपा (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने सोमवार को यही आरोप लगाया था, हालांकि उन्होंने कथित घोटाले को 5,000 करोड़ रुपये का बताया था। शिरसाट ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया था।
मंत्री ने लंदन से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ह्लइस मामले में कोई समझौता या भूमि आवंटन नहीं हुआ। (सिडको के) निर्णय पूरे बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं, किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं।ह्व

महाराष्ट्र भाजपा संचार प्रमुख नवनाथ बान ने मंगलवार को संजय राउत को उनके आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की चुनौती दी। बान ने कहा, ह्लवह बस टीवी कैमरों के सामने बिना सबूत पेश किए आरोप लगाते रहते हैं। क्या वह कभी अदालत या पुलिस के पास गए हैं? क्या उन्होंने कभी अपने किसी आरोप को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया है? ‘हिट एंड रन’ ही उनका तरीका है। भाजपा नेता ने बताया कि राउत स्वयं पात्रा चॉल परियोजना मामले में आरोपी हैं।

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