राष्ट्रवाणी: मोहन घी, जिसकी शुरुआत 1947 में लाला शंकर दास बहल ने की थी, भारत का पहला देसी घी ट्रेडमार्क है …और पढ़ें आजाद भारत का पहला FSSAI-सर्टिफाइड घी मोहन घी की शुरुआत लाला शंकर दास बहल ने 1947 में की यह भारत का पहला देसी घी ट्रेडमार्क है पारंपरिक बिलोना विधि से घी तैयार किया जाता है बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।

भारत में घी काफी शौक से खाया जाता है। कई ब्रांड और कंपनियां दशकों से घी बेच रहे हैं। इनमें से एक मोहन घी (Mohan Ghee)।

मोहन घी एक बहुत पुराना ब्रांड है। मोहन घी की शुरुआत सन 1947 में लाला शंकर दास बहल ने की थी और बाद में उनके बेटे लाला द्वारका नाथ बहल ने इसे और बेहतर बनाया। आइए जानते हैं इस घी ब्रांड का इतिहास।

मोहन घी को शुरू करने वाले लाला शंकर दास की कहानी हिम्मत, परंपरा और क्वालिटी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की कहानी है। इसकी शुरुआत बंटवारे से पहले पाकिस्तान के जांड्राका से हुई, जहां हेडमास्टर रहे लाला शंकर दास बहल बिलोना (हाथ से मथा हुआ) देसी घी तैयार करते थे।बंटवारे के बाद पलायन को मजबूर होने के बाद, लाला जी और उनका परिवार अपनी कला और मूल्यों को दिल्ली ले आए।

दिल्ली आकर लाला शंकर दास ने ‘मोहन घी’ की नींव रखी। यह घी भैंस के दूध से बनाया जाता और किफायती दाम पर बेचा जाता। नई जगह पर, मोहन घी जल्द ही घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गया।

इसकी वजह थी इसका दानेदार टेक्सचर, खुशबू आदि।उस समय आम तौर पर मिलने वाले कमर्शियल क्रीम घी के उलट, मोहन घी मुख्य रूप से हाथ से मथने वाली वैदिक बिलोना विधि से बनाया जाता था, जिससे दूध के पोषक तत्व सुरक्षित रहते थे। लालाजी के बेटे, द्वारका नाथ बहल, लालाजी के साथ रहे और उनसे बहुत कुछ सीखा।

पिता के बाद उन्होंने ही मोहन घी और परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। उनके लालाजी की पोती डॉ. ज्योत्सना बहल के पास इसकी कमान है।यह विरासत Mohan Ghee प्रोडक्ट्स और MORHAV ऑर्गेनिक्स के रूप में बरकरार है। MORHAV ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत वेलनेस रेंज में 45 से ज्यादा ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स शामिल हैं।

मोहन घी एंटरप्राइजेज में संजय बहल, पंकज बहल, सत्य पॉल बहल और शकुंतला बहल जैसे परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। 1944 में Mohan Ghee के तौर पर शुरू हुई इस कंपनी के पास आजाद भारत का पहला देसी घी ट्रेडमार्क है। FSSAI-सर्टिफाइड घी देने से लेकर कंपनी ने काफी तरक्की की है और गाय का घी भी पेश किया है।

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