राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर के मोबाइल नंबर पर विदेशी नंबर से फोन कर 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है।

फोन करने वाले ने धमकी देते हुए खुद को लारेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang Threat) और अमन साव गैंग से जुड़ा हुआ बताया है। धमकी भरा यह फोन सीधे एजाज ढेबर के निजी मोबाइल पर आया था। घटना के बाद एजाज ढेबर खुद मध्य जोन के कोतवाली थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

उनकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एजाज ढेबर के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने धमकी भरे लहजे में बात की और 50 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की।

उसने अपनी पहचान बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़े व्यक्ति के तौर पर बताई। फोन आने के बाद एजाज ढेबर ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी और खुद कोतवाली थाने जाकर शिकायत दी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। मामले में विदेशी नंबर से फोन आने के कारण साइबर टीम भी एक्टिव हो गई है। पुलिस उस विदेशी नंबर की तकनीकी जांच कर रही है, जिससे एजाज ढेबर को फोन किया गया था।

नंबर की असली लोकेशन, उसे इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति और कॉल करने के तरीके का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इंटरनेट कॉलिंग या किसी अन्य तकनीक का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है। फोन पर हुई बातचीत, कॉल का समय और अन्य डिजिटल सबूतों को भी जांच में शामिल किया गया है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन सच में किसी संगठित अपराधी गिरोह के सदस्य ने किया था या किसी ने बिश्नोई और अमन साव जैसे कुख्यात नामों का इस्तेमाल कर डर पैदा करने और पैसा वसूलने की कोशिश की है। इस मामले में अमन साव के नाम का इस्तेमाल होने के बाद पुलिस उसके पुराने रायपुर कनेक्शन को भी खंगाल रही है।

जब गैंगस्टर अमन साव रायपुर जेल में बंद था, उस समय एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर भी शराब घोटाले से जुड़े मामले में उसी जेल में बंद थे। बाद में अमन साव को झारखंड ले जाते समय पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। अब एजाज ढेबर को धमकी देने वाले व्यक्ति ने लारेंस बिश्नोई के साथ अमन साव गैंग का नाम भी लिया है।

हालांकि, इस मामले में फोन करने वाले का अमन साव या बिश्नोई गैंग से सच में कोई संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला व्यक्ति सच में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या उसने सिर्फ कुख्यात गैंग के नाम का इस्तेमाल किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ विदेशी नंबर से आए फोन के आधार पर सीधे किसी गैंग से आरोपी का संबंध जोड़ना जल्दबाजी होगी। तकनीकी जांच और आरोपी की पहचान सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

एजाज ढेबर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। साइबर टीम की मदद से फोन नंबर और कॉल से जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फोन के पीछे कोई स्थानीय व्यक्ति या किसी संगठित गिरोह का नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है।

फिलहाल आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके नेटवर्क के बारे में साफ जानकारी सामने आएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर इस तरह का कोई संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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