राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के करीब 35 सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के पेंशन व ग्रेच्युटी भुगतान का मामला लंबा खिंचता जा रहा है। संबंधित पेंशन प्रकरणों की विभागीय जांच, लेखा नियंत्रक और विश्वविद्यालय की समितियों द्वारा परीक्षण, ज्वाइंट डायरेक्टर ऑडिट से ऑडिट और कुलपति के अनुमोदन के बाद पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी किए जा चुके हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षक संघ का दावा है कि पीपीओ जारी होने के करीब 35 दिन बाद भी पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ है। संघ के अनुसार, पेंशन प्रकरणों को आगे बढ़ाने और पीपीओ जारी कराने के लिए उसे 27 जुलाई 2026 से 24 दिनों तक आंदोलन करना पड़ा था। इसके बाद पीपीओ जारी हुए, लेकिन भुगतान लंबित रहने पर संघ ने 22 सितंबर से दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रशासनिक भवन के पास धरना दे रहे हैं। संघ का कहना है कि जब प्रकरणों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण और ऑडिट हो चुका है और सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद पीपीओ जारी किए गए हैं, तो भुगतान लंबित रखने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। संघ ने मांग की है कि यदि किसी प्रकरण में वैधानिक या नियमगत आपत्ति है तो संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी को इसकी जानकारी लिखित और नियम-सम्मत आदेश के माध्यम से दी जाए।
मार्च 2011 से पहले विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और वैज्ञानिकों की नियुक्तियां सहायक प्राध्यापक, कनिष्ठ विज्ञानी और कार्यक्रम समन्वयक जैसे पदों पर शासन से स्वीकृत सेटअप और यूजीसी वेतनमान के तहत होती थीं। संघ का कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर लेखा नियंत्रक की ओर से मतभेद सामने आया था।

