बाजार ने मजबूत शुरुआत की-गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। लगातार दूसरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत और IT सेक्टर के शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में नजर आए। निवेशकों की नजर अब इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है।
Sensex और Nifty में तेजी का दौर-शुरुआत में सेंसेक्स करीब 365 अंक बढ़कर 77,287.95 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 100 अंक चढ़कर 24,106.20 पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में सेंसेक्स 76,922.64 और निफ्टी 24,005.85 पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख पूरी तरह सकारात्मक रहा, जिससे निवेशकों में उत्साह दिखा। यह तेजी बाजार की मजबूती और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बढ़ा भरोसा-विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को राहत दी है। इससे महंगाई पर दबाव कम होगा और भारत के आयात बिल में कमी आएगी। विदेशी बाजारों के सकारात्मक संकेत और IT सेक्टर में खरीदारी ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
IT शेयरों में जबरदस्त तेजी-गुरुवार के शुरुआती कारोबार में IT कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा चमके। इंफोसिस के शेयर में 4% से अधिक की तेजी आई। इसके अलावा HCL टेक्नोलॉजीज, TCS और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी मजबूती दिखी। निफ्टी के टॉप गेनर्स में ये सभी कंपनियां शामिल रहीं। IT सेक्टर की इस तेजी ने पूरे बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
कुछ शेयरों पर दबाव भी दिखा-जहां IT सेक्टर में खरीदारी रही, वहीं कुछ बड़े शेयरों में गिरावट भी आई। एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और ओएनजीसी के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि इन गिरावटों का असर पूरे बाजार पर ज्यादा नहीं पड़ा क्योंकि IT और अन्य प्रमुख शेयरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को कायम रखा।
रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत-विदेशी मुद्रा बाजार में भी अच्छी खबर आई। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे मजबूत होकर 94.93 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा रुपये को मिला। हालांकि एशियाई मुद्राओं में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर के कारण रुपये की मजबूती फिलहाल सीमित रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक की हाल की गतिविधियों का भी रुपये की चाल पर असर पड़ा है।
सोने में नरमी, चांदी की कीमतों में तेजी-कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखा गया। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। देश के कई शहरों में सोने की खुदरा कीमतों में भी हल्की कमी आई। वहीं चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही और MCX पर चांदी के वायदा भाव में बढ़ोतरी हुई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

