मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 862 अंक च­ढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 25,585 अंक के स्तर पर पहुंच गया. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी से बाजार ब­ढ़त में रहा. विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह से भी तेजी को समर्थन मिला.

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 862.23 अंक यानी 1.04 प्रतिशत च­ढ़कर 83,467.66 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, एक समय यह 1,010.05 अंक तक च­ढ़ गया था. पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 261.75 अंक यानी 1.03 प्रतिशत ब­ढ़कर 25,585.30 अंक पर पहुंच गया. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक में सबसे ज्यादा 2.67 प्रतिशत की तेजी आई. इसके अलावा टाइटन, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहीं. दूसरी तरफ, इटर्नल और इन्फोसिस नुकसान में रहीं.

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को ब­ढ़त जारी रही. सेंसेक्स लगभग 900 अंक च­ढ़ा और निफ्टी चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. बैंक शेयरों में मजबूती और मजबूत वैश्विक संकेतों से यह ब­ढ़त हासिल हुई.” उन्होंने कहा, ”अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और आईएमएफ द्वारा भारत की वृद्धि दर के अनुमान (वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.6 प्रतिशत) को ब­ढ़ाए जाने से बाजार धारणा मजबूत हुई.” छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.47 प्रतिशत और मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप 0.29 प्रतिशत च­ढ़ा.

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में 2,377 शेयर लाभ में रहे जबकि 1,810 शेयरों में गिरावट रही. वहीं 147 शेयर के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ. एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 2.49 प्रतिशत, जापान का निक्की 1.27 प्रतिशत और चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.10 प्रतिशत च­ढ़ा. हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में रहा. यूरोपीय बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख रहा. बुधवार को अमेरिकी बाजारों में ज्यादातर ब­ढ़त के साथ बंद हुए.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”सकारात्मक वैश्विक संकेतों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर नई उम्मीद बंधने से उत्साहित घरेलू शेयर बाजारों ने अपनी ब­ढ़त को जारी रखा. वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में मांग में सुधार की उम्मीद, एफआईआई निवेश के शुरुआती संकेत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नरम नीतिगत टिप्पणियों और डॉलर सूचकांक में नरमी से बाजार धारणा को और बल मिला.” वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल आज (बृहस्पतिवार) व्यापार वार्ता के लिए अमेरिका में भारतीय प्रतिनिधिमंडल से जुड़ेंगे. भारत ने अमेरिका से ऊर्जा आयात ब­ढ़ाने का संकेत दिया है. भारतीय टीम व्यापार वार्ता के लिए पहले ही वाशिंगटन में है.

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.57 प्रतिशत ब­ढ़कर 62.26 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 68.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 4,650.08 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. सेंसेक्स बुधवार को 575.45 अंक के लाभ में रहा था जबकि निफ्टी में 178.05 अंक की तेजी रही थी.

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