राष्ट्रवाणी, 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर कर्मचारियों की तैनाती और भुगतान से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस संजय अग्रवाल को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया है। दोनों पक्षों की सहमति से चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने यह नियुक्ति की।
मामला ए टू जेड इंफ्रासर्विसेस लिमिटेड और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के बीच है। कंपनी ने मध्यस्थ की नियुक्ति के लिए मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 11(6) के तहत हाईकोर्ट में आवेदन किया था।
कंपनी का दावा है कि उसने अप्रैल 2018 से वित्तीय वर्ष 2023-24 तक मैनपावर उपलब्ध कराया, लेकिन आठ घंटे से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया। इस मद में कंपनी ने 170 करोड़ 37 लाख 73 हजार 792 रुपये का दावा किया है।
इसके अलावा रविवार और साप्ताहिक अवकाश में काम का दोगुना भुगतान, हैंडलिंग चार्ज, मैनेलोंग फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट से कथित गलत पेनल्टी वसूली जैसे मुद्दे भी मध्यस्थ के समक्ष रख जाएंगे।
