भारतीय क्रिकेट टीम को दो साल में चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप का सरताज बनाने वाले गौतम गंभीर को अपनी ही टीम के पूर्व खिलाड़ी से ऐसा करारा तमाचा पड़ेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। 15 जुलाई को एक पूर्व भारतीय स्टार ने गंभीर के दो साल के कोचिंग कार्यकाल को 10 में से सिर्फ 4 अंक देकर सनसनी फैला दी। क्या यह रेटिंग देने वाले की आंखों पर कोई पट्टी बंधी थी या फिर यह कोई निजी रंजिश निकालने का घटिया तरीका है?

जब टीम इंडिया ने गंभीर के मार्गदर्शन में दो बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम कर लिए, तब उन्हें फेल बताना केवल मानसिक दिवालियेपन को दिखाता है। हालांकि, पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने तुरंत बीच-बचाव करते हुए इस बेतुकी रेटिंग का विरोध किया और गंभीर का बचाव किया। लेकिन सवाल यह है कि भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक और सफल कोचों में से एक को इस तरह सरेआम नीचा दिखाने की हिम्मत कैसे हुई? यह अजीब और कड़वा विवाद अब भारतीय ड्रेसिंग रूम के अंदरूनी तनावों की पोल खोल रहा है।



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