नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भारी गिरावट आई है, जबकि घरेलू निवेशक ”भय और अनिश्चितता” की चपेट में हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को आय को बढ़ाने, अपनी ”मित्र पूंजीवाद और कर आतंक” नीतियों को समाप्त करने, जीएसटी का सरलीकरण करने और भारतीय उद्योगों को चीनी ‘डंपिंग’ से बचाने के लिए कदम उठाना चाहिए.

उनका यह बयान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उस कथित टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत का निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ते सार्वजनिक व्यय के साथ तालमेल नहीं बैठा पा रहा है. रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”वित्त मंत्री ने आखिरकार वही स्वीकार कर लिया है जो कांग्रेस लंबे समय से कहती आ रही थी. वो यह है कि निजी निवेश सुस्त बना हुआ है और वांछित और अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रहा है.” उनका कहना था कि यह सितंबर 2019 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुर्निनर्वाचन के समर्थन में ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम से ठीक पहले की गई महत्वपूर्ण कॉरपोरेट कर कटौती के बाद भी है.

उन्होंने आगे कहा कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में भारी गिरावट आई है, जबकि घरेलू निवेशक ”भय और अनिश्चितता” की चपेट में हैं. इसका एक बड़ा कारण ”कर आतंक और कुछ व्यावसायिक समूहों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां” हैं.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version