कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य का पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई का अगला अध्यक्ष बनना तय है, क्योंकि बुधवार की समय सीमा तक किसी अन्य उम्मीदवार ने इस पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया है. पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी.

भट्टाचार्य दोपहर में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. पार्टी के एक नोटिस के अनुसार, नामांकन दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक स्वीकार किए गए. उसके बाद शाम छह बजे तक नामांकन पत्र वापस लिए जाने और नामांकन पत्रों की छंटनी का समय था.

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “चूंकि 61 वर्षीय सांसद भट्टाचार्य इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे और उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया, इसलिए उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा.” इसकी आधिकारिक घोषणा बृहस्पतिवार को कोलकाता के साइंस सिटी में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान किये जाने की उम्मीद है.

आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम सार्वजनिक होने के एक दिन बाद बुधवार को नए राज्य भाजपा प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई.
पार्टी के निर्वाचन अधिकारी और विधायक दीपक बर्मन ने बाद में शाम को पुष्टि की कि केवल एक प्रक्रियागत रूप से वैध नामांकन प्राप्त हुआ और उसे स्वीकार कर लिया गया.

उन्होंने एक बयान में कहा, “भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल का संगठन पर्व अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. आज समापन चरण में 60 कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बनने के लिए राज्य मुख्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया. सभी नामांकन स्वीकार कर लिए गए हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक प्रक्रियागत वैध नामांकन प्रस्तुत किया गया था, और उसे भी स्वीकार कर लिया गया है.” उन्होंने कहा, “कल साइंस सिटी में आयोजित होने वाले ‘प्रदेश अध्यक्ष चुनाव एवं अभिनंदन समारोह’ में प्रदेश चुनाव अधिकारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में प्रदेश परिषद सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी.” राज्य भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी की बंगाल इकाई के प्रमुख पद के लिए एक “अनुचित तरीके से भरा गया और बिना हस्ताक्षर वाला” नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया गया.

प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने हालांकि इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, “केवल एक वैध नामांकन प्रस्तुत किया गया था.” बुधवार शाम 6 बजे नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई, जिसके साथ ही नाम वापस लेने की अवधि भी समाप्त हो गई. पार्टी सूत्रों ने पुष्टि की कि भट्टाचार्य द्वारा अपना नामांकन वापस न लेने के कारण वे निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. राज्य के लिए पार्टी के चुनाव अधिकारी रविशंकर प्रसाद बृहस्पतिवार दोपहर को भट्टाचार्य को औपचारिक रूप से निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपेंगे. भट्टाचार्य ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर राज्य इकाई की बागडोर संभालेंगे, जब 2026 के विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है.

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