भारत की बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन ने साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया में तनाव और गोल्ड सप्लाई की चिंताओं का फिलहाल उसके कारोबार पर कोई खास असर नहीं होगा। कंपनी ने पहले से ही मजबूत इंतजाम कर रखे हैं, जिससे सप्लाई में दिक्कत आने पर भी काम प्रभावित नहीं होगा। टाइटन का गोल्ड एक्सचेंज प्रोग्राम भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
टाइटन को गोल्ड सप्लाई की चिंता क्यों नहीं?-कंपनी के CFO अशोक सोनथालिया ने बताया कि टाइटन ने अपने गोल्ड एक्सचेंज प्रोग्राम को पहले से ज्यादा मजबूत कर लिया है। इसके अलावा, कंपनी के पास सप्लाई में किसी भी समस्या से निपटने के लिए कई बैकअप प्लान हैं। टाइटन, तनिष्क और कैरेटलेन के लिए शॉर्ट टर्म में सोने की सप्लाई को लेकर कोई चिंता नहीं है।
पश्चिम एशिया संकट का गोल्ड मार्केट पर असर-भारत में सोने की बड़ी खेप पश्चिम एशियाई देशों से आती है। वहां के हालिया तनाव और इंपोर्ट लाइसेंस में देरी के कारण बाजार में चिंता बढ़ी थी। हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। टाइटन के पास पहली तिमाही के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कंपनी को उम्मीद है कि सप्लाई चेन जल्द ठीक हो जाएगी।
तनिष्क का गोल्ड एक्सचेंज प्रोग्राम ग्राहकों की पहली पसंद-टाइटन के ज्वेलरी डिविजन के CEO अरुण नारायण ने बताया कि तनिष्क का गोल्ड एक्सचेंज प्रोग्राम ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसे अब एक खास कैंपेन की तरह चलाया जा रहा है, जिसमें शादी और पुराने गहनों को नए डिजाइन में बदलवाने वाले ग्राहक ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
महंगे सोने के बावजूद बढ़ी खरीदारी-टाइटन के मुताबिक चौथी तिमाही में ग्राहकों की संख्या में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दिवाली के बाद सोने की कीमतें बढ़ने से कुछ समय खरीदारी धीमी हुई, लेकिन बाद में कीमतों में राहत मिलने पर ग्राहक फिर से बाजार में लौट आए। फरवरी और मार्च में शादियों के कारण खरीदारी में तेजी आई।
डायमंड और स्टडेड ज्वेलरी की मांग में भी इजाफा-सिर्फ गोल्ड ही नहीं, बल्कि डायमंड और स्टडेड ज्वेलरी की मांग भी बढ़ी है। टाइटन के नए डायमंड कैंपेन ने ग्राहकों को आकर्षित किया है। महंगे सोने के बावजूद लोग ज्वेलरी खरीदने को लेकर ज्यादा सहज हो रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि लंबे समय में सोने की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
टाइटन के मुनाफे और बिक्री में जबरदस्त उछाल-मार्च तिमाही में टाइटन का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 35 प्रतिशत बढ़कर 1179 करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल बिक्री में भी लगभग 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 20,607 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी का कहना है कि मजबूत ब्रांड, बेहतर मार्केटिंग और नए प्रोडक्ट लॉन्च से उसे बाजार में फायदा मिल रहा है।
टाइटन आने वाले समय में भी अपने ज्वेलरी कारोबार को और मजबूत करने की योजना बना रहा है, जिससे ग्राहकों को बेहतर उत्पाद और सेवाएं मिलती रहेंगी।

