राष्ट्रवाणी, 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बढ़ती साइबर अपराध गतिविधियों पर बेहतर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के लिए गृह विभाग ने स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का गठन किया है। राज्य स्तर पर साइबर क्राइम से जुड़े मामलों के लिए यह सेंटर सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC) के रूप में काम करेगा।
गृह विभाग की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार सेंटर की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रशांत कुमार अग्रवाल को सौंपी गई है। उन्हें पुलिस महानिरीक्षक, S4C, PHQ के पद पर पदस्थ किया गया है।
इसी तरह उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) गिरिजा शंकर जायसवाल को भी S4C, PHQ में पदस्थ किया गया है। इससे राज्य स्तर पर साइबर अपराध से संबंधित मामलों के समन्वय और कार्रवाई के लिए अलग से एक केंद्रीकृत व्यवस्था तैयार होगी।
गृह विभाग ने आदेश में कहा है कि साइबर अपराधों से संबंधित बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए बेहतर निगरानी एवं प्रभावी प्रवर्तन के उद्देश्य से स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर का गठन किया गया है। यह सेंटर राज्य स्तर पर साइबर क्राइम से संबंधित समस्त गतिविधियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य करेगा।
पुलिस मुख्यालय की तकनीकी सेवा शाखा के अधीन रहेगा सेंटर
स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर पुलिस मुख्यालय (PHQ) की तकनीकी सेवा शाखा के अधीन कार्य करेगा। इस व्यवस्था के जरिए साइबर अपराधों की निगरानी, विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय और तकनीकी स्तर पर कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी।
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक तकनीकी सेवाओं से जुड़े इस पूरे तंत्र की कमान एडीजी प्रदीप गुप्ता के अधीन है। राज्य में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच S4C के गठन और वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना को साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
अब राज्य स्तर पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय के लिए S4C महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
