थलपति विजय की बड़ी जीत के पीछे छुपा परिवार का सन्नाटा: क्या उनकी सफलता अधूरी रह गई?-तमिलनाडु की राजनीति में इस बार थलपति विजय ने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ के साथ जबरदस्त जीत हासिल की है। 234 सीटों वाली विधानसभा में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। यह जीत न सिर्फ उनकी राजनीतिक ताकत दिखाती है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी नया रंग भरती है। लेकिन इस जश्न के बीच उनके घर की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है।

राजनीति में विजय की ऐतिहासिक जीत और बदलाव का संकेत-तमिलनाडु के चुनाव में विजय की पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 108 सीटें जीतकर उन्होंने राज्य की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है। यह जीत उनके लिए राजनीतिक मजबूती का सबूत है, जो कई बड़े नेताओं के लिए भी आश्चर्यजनक रही। इस जीत ने तमिलनाडु की राजनीति का खेल पूरी तरह बदल दिया है और विजय की छवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

सड़कों पर जश्न, पर घर में क्यों सन्नाटा?-विजय की जीत पर पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। उनके समर्थक जश्न मना रहे हैं और फिल्म जगत से लेकर आम लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। लेकिन इस खुशी के बीच उनके घर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। परिवार की इस खामोशी ने लोगों के मन में सवाल पैदा कर दिया है कि क्या इस बड़ी जीत के बावजूद कुछ अधूरा रह गया है?

तृषा के साथ जश्न, परिवार की गैरमौजूदगी ने बढ़ाए सवाल-4 मई को विजय की पार्टी की जीत के साथ-साथ उनकी करीबी दोस्त तृषा कृष्णन का जन्मदिन भी था। तृषा ने मंदिर दर्शन के बाद विजय के घर जाकर जश्न मनाया, लेकिन उनकी पत्नी संगीता और बच्चे कहीं नजर नहीं आए। विजय ने अपने माता-पिता से मुलाकात की, लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों की दूरी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

बेटे जेसन संजय की चुप्पी और सोशल मीडिया से दूरी-विजय के बेटे जेसन संजय ने इस बड़ी जीत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोशल मीडिया पर सक्रिय जेसन ने अपने पिता को अनफॉलो कर दिया है और अपने नाम से ‘विजय’ सरनेम हटाने की खबरें भी सामने आई हैं। जेसन फिल्म निर्देशन में कदम रख चुके हैं और उनकी शॉर्ट फिल्म ‘सिग्मा’ को भी सराहना मिली है। उनकी चुप्पी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है।

बेटी दिव्या साशा की दूरी और पारिवारिक रिश्तों पर सवाल-विजय की बेटी दिव्या साशा भी इस पूरे घटनाक्रम से दूर नजर आ रही हैं। एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी दिव्या ने पिता की बड़ी सफलता पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बचपन में फिल्म ‘थेरी’ में नजर आ चुकी दिव्या अब मीडिया से दूरी बनाए रखती हैं, लेकिन इस बार उनकी खामोशी ने पारिवारिक रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पत्नी संगीता के आरोप और रिश्तों में दरार-संगीता सोरनलिंगम ने तलाक की अर्जी देकर सबको हैरान कर दिया था। 1999 में शादी करने वाले इस जोड़े के बीच पिछले दो साल से बातचीत बंद बताई जा रही है। संगीता ने मानसिक प्रताड़ना और अपमान के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विजय की दूसरी एक्ट्रेस के साथ तस्वीरें देखकर उन्हें बहुत तकलीफ होती थी। यही वजह है कि उन्होंने विजय से दूरी बना ली।

क्या सफलता की कीमत रिश्तों से चुकानी पड़ी?-थलपति विजय के पास राजनीतिक ताकत और करोड़ों फैंस हैं, लेकिन उनका परिवार उनसे दूर होता दिख रहा है। कई लोग सोच रहे हैं कि क्या उनकी राजनीतिक सफलता ने उनके निजी रिश्तों को नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी जीत के बावजूद अगर परिवार साथ न हो, तो क्या यह जीत पूरी मानी जा सकती है? यही सवाल आज हर किसी के मन में है।

क्या जीत के साथ विजय हार भी गए?-राजनीति में विजय ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन उनके निजी जीवन की स्थिति इस जीत की चमक को कम कर रही है। 108 विधायकों का समर्थन और जनता का प्यार उनके साथ है, लेकिन क्या उन्हें वह सुकून मिला है जो परिवार के साथ होने से आता है? यही सवाल आज सबसे ज्यादा चर्चा में है।

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