राष्ट्रवाणी: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (DGCX) के साथ साझेदारी की है ताकि इसके मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा सके। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज DGCX के मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाएगी हाई-टेक TCS ने DGCX के साथ मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण हेतु साझेदारी की।
नई पीढ़ी के इंटीग्रेटेड ट्रेडिंग, क्लियरिंग सॉल्यूशन लागू किए जाएंगे। DGCX को भविष्य की ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में मदद मिलेगी। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
कंसल्टिंग और बिज़नेस सॉल्यूशन के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (DGCX) के साथ पार्टनरशिप की है। इसका मकसद DGCX के मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाना और भविष्य के लिए तैयार करना है, जिसके लिए अगली पीढ़ी के इंटीग्रेटेड ट्रेडिंग, क्लियरिंग और सर्विलांस सॉल्यूशन को लागू किया जाएगा।
यह ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम DGCX को भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने और नए प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट में तेज़ी लाने के लिए ज़्यादा फ्लेक्सिबल टेक्नोलॉजी बेस देगा। इससे DGCX की क्षमता भी मज़बूत होगी ताकि वह स्थापित और उभरते एसेट क्लास में रीजनल और इंटरनेशनल मार्केट पार्टिसिपेंट्स की बदलती ज़रूरतों को पूरा कर सके।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर (TCS share कीमत) में 5.36% की तेजी देखने को मिली। यह ₹2,320 के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखा। इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप ₹8,39,396 करोड़ रहा।
2005 में बना दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (DGCX) मिडिल ईस्ट का प्रमुख डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है और खाड़ी क्षेत्र में एकमात्र ऐसा स्थान है जो स्थानीय स्तर पर एंड-टू-एंड ट्रेडिंग, क्लियरिंग और सेटलमेंट की सुविधा देता है। यह दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (DMCC) की एक सहायक कंपनी के तौर पर काम करता है।
DMCC के चेयरमैन अहमद बिन सुलेयम हैं, जो DMCC के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और CEO के तौर पर काम करते हैं और नवंबर 2007 से DGCX बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। मंगलवार, 15 सितंबर को टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर्स में आई तेजी में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) और HCLTech जैसी भारतीय IT कंपनियों के शेयरों का अहम योगदान रहा।
मंगलवार को ट्रेडिंग के शुरुआती कुछ मिनटों में ही इन तीनों कंपनियों ने मिलकर मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में ₹85,000 करोड़ से ज़्यादा की बढ़ोतरी की, जबकि निफ्टी IT में शामिल कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹1.2 लाख करोड़ के आंकड़े के करीब पहुंच गया।
