तेहरान. जब मेरात बेहनाम ने पहली बार इतना साहस जुटाया कि वह अपनी पीली स्कूटर पर ईरान की राजधानी की जाम भरी सड़कों से होते हुए अपनी कॉफी शॉप तक जाए तो यातायात उनकी मुख्य चिंता नहीं थी. उन्होंने खुद को लोगों की घूरती निगाहों और फिकरेबाज.ी के लिए पहले से ही तैयार कर लिया था. इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात ये थी कि तेहरान में मोटरसाइकिल चलाने वाली महिला होने के कारण पुलिस द्वारा उन्हें रोका जा सकता था. ईरान में कट्टरपंथी और रूढि.वादी मौलवी लंबे समय से महिलाओं के इस कदर घूमने के खिलाफ रहे हैं.

लेकिन 38 वर्षीय बेहनाम ने घर से निकलने पर पाया कि उन्हें सड़क पर व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है – और यह ईरान में सामाजिक अपेक्षाओं के बारे में महिलाओं के व्यापक पुर्निवचार का हिस्सा है. जून में 12 दिनों के ईरान-इजराइल युद्ध के बाद ईरान द्वारा बुद्धिजीवियों पर की जा रही कार्रवाई के तहत कट्टरपंथी राजनेता हिजाब या हेडस्कार्फ पर कानून लागू करने की मांग कर रहे हैं – लेकिन यह एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है.

बेहनाम ने हाल ही में अपने कैफे तक पहुंचने के बाद एसोसिएटेड प्रेस को बताया, “यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी,” “मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं. शुरुआत में, मैं काफी तनाव में थी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों के व्यवहार और उनकी प्रतिक्रियाओं ने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया.” बेहनाम ने कहा कि “पहली बार, एक पुलिस अधिकारी ने – दरअसल, एक ट्रैफिक अधिकारी ने – मुझे प्रोत्साहित किया जिससे मैंने सुरक्षित महसूस किया. यहां तक कि जब उन्होंने मुझे चेतावनियां भी दीं, तो वे तकनीकी चेतावनियां थीं – जैसे स्कूटर कहां पार्क करना है, कुछ चीजें नहीं करनी हैं या हमेशा हेलमेट पहनना है.” पहले दो चीज.ों के कारण महिलाओं को मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने से रोका जाता था. पहली बात, ईरान की फ.ारसी भाषा में पुलिस के नियमों में साफ. तौर पर सिफ.र् “मर्दन” यानी “पुरुषों” को ही मोटरसाइकिल लाइसेंस देने का ज.क्रि है. फ.ारसी में यह एक बहुत ही लैंगिकता-विशिष्ट शब्दावली है, जो व्याकरण की दृष्टि से एक लैंगिक-तटस्थ भाषा है.

तेहरान के यातायात पुलिस प्रमुख जनरल अबुलफजल मौसावीपुर ने सितंबर में अर्ध-सरकारी आईएसएनए समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा, “यह मुद्दा उल्लंघन नहीं बल्कि अपराध है और मेरे सहकर्मी इन व्यक्तियों से निपटेंगे, क्योंकि इनमें से किसी भी महिला के पास वर्तमान में ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है और हम कानून के खिलाफ काम नहीं कर सकते.” कुछ रूढि.वादी मौलवियों और कट्टरपंथियों की मान्यता के अनुसार, एक महिला का स्कूटर या मोटरसाइकिल चलाना “तबर्रुज” है, अर्थात अपनी सुंदरता का अत्यधिक प्रदर्शन करना, जो इस्लाम में निषिद्ध है.

लेकिन जब से महिलाओं ने हिजाब पहनना छोड़ना शुरू किया है, तब से ज़्यादा महिलाएं भी जोखिम उठाकर तेहरान में अपनी मोटरसाइकिलों से घूमने लगी हैं. हालाँकि अभी भी कुल यातायात का एक छोटा सा हिस्सा होने के बावजूद, सड़कों पर उनकी मौजूदगी आम हो गई है. सितंबर में शार्ग अखबार ने लिखा, “यह सांस्कृतिक निर्णय और नौकरशाही नियमों की अदृश्य दीवारों से आगे बढ.ने का समय है. महिलाओं के लिए, मोटरसाइकिल चलाना केवल आवागमन का एक तरीका नहीं है, बल्कि यह पसंद, स्वतंत्रता और समाज में समान उपस्थिति का प्रतीक है.”

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