राष्ट्रवाणी: India largest bus terminal: आपने बहुत सारे बस अड्डे देखें होंगे तो क्या आप जानते हैं भारत का सबसे बड़ा …और पढ़ें भारत का सबसे बड़ा बस अड्डा कहीं आपके शहर में तो नहीं? (ai photo) चेन्नई का CMBT भारत का सबसे बड़ा बस अड्डा है। यह 36.57 एकड़ में फैला है, लागत ₹103 करोड़ थी।
रोजाना 2,000 बसें संचालित होती हैं, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारत में मौजूद एक बस अड्डा अपनी विशालता, बसों की क्षमता और सुविधाओं के कारण खास पहचान रखता है। यह सिर्फ यात्रियों के आने-जाने की जगह नहीं, बल्कि परिवहन नेटवर्क का एक अहम केंद्र भी है।
साल 2002 में शुरू हुआ यह टर्मिनल आज भी भारत के सबसे बड़े बस अड्डों में गिना (india’s biggest bus station) जाता है। इसे बनाने में करीब 103 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और इसका पूरा परिसर लगभग 36.57 एकड़ में फैला है। हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (Chennai) के चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस (CMBT) की।
इसे एशिया के सबसे बड़े बस टर्मिनलों में भी शामिल किया गया था। 18 नवंबर 2002 को इसका उद्घाटन हुआ था। यानी अक्टूबर 2026 तक इसे शुरू हुए करीब 24 साल हो चुके हैं।
इस बस अड्डे को बनाने की जिम्मेदारी चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) की थी। इसकी योजना 1991 से 1996 के बीच जयललिता के मुख्यमंत्री कार्यकाल में बनाई गई थी। इसके बाद 6 जून 1999 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने इसकी आधारशिला रखी।
करीब तीन साल के निर्माण के बाद नवंबर 2002 में इसे यात्रियों के लिए शुरू किया गया। उस समय इस परियोजना पर लगभग 103 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसका उद्देश्य चेन्नई में बसों की आवाजाही को व्यवस्थित करना, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना था।
चेन्नई के कोयम्बेडु इलाके में जवाहरलाल नेहरू सलाई यानी इनर रिंग रोड के पास बना यह टर्मिनल करीब 36.57 एकड़ जमीन पर विकसित किया गया। इसके विशाल परिसर में बसों के आने-जाने, यात्रियों के चढ़ने-उतरने, बसों को खड़ा करने और दूसरी परिवहन सेवाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। इस बस टर्मिनल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बसों को संभालने की क्षमता है।
टर्मिनल में तीन बस फिंगर और छह प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें करीब 180 बस-बे बनाए गए हैं। इसके अलावा 60 बसों को खड़ा करने के लिए अलग पार्किंग क्षेत्र भी है। रिपोर्टस की मानें तो परिसर में किसी भी समय करीब 270 बसें खड़ी की जा सकती थीं।
यानी यहां बसों के नियमित संचालन के साथ अतिरिक्त बसों को खड़ा करने की व्यवस्था भी रखी गई थी। चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस (Chennai Mofussil Bus Terminus) का महत्व केवल इसके आकार तक सीमित नहीं है। यहां से तमिलनाडु के अलग-अलग शहरों और पड़ोसी राज्यों की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बस सेवाएं संचालित होती हैं।
यहां से रोजाना करीब 2,000 मोफस्सिल बसों का संचालन होता रहा है। इस टर्मिनल को यात्रियों की सुविधा और बसों के संचालन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया था। यहां उपलब्ध सुविधाओं में शामिल हैं: 1. परिसर में रेस्तरां, कैफेटेरिया और छोटी दुकानें बनाई गई थीं, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान खाने-पीने और जरूरी सामान के लिए बाहर न जाना पड़े।2. बसों के अलावा ऑटो रिक्शा, टैक्सी और निजी वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था की गई थी।3. प्रतीक्षालय, पूछताछ काउंटर, लॉकर रूम, शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।4. परिसर में आपातकालीन चिकित्सा सहायता और डिस्पेंसरी की व्यवस्था का भी उल्लेख मिलता है।5.एटीएम, दुकानें, कार्यालय, कर्मचारियों के विश्राम कक्ष और बसों की छोटी-मोटी मरम्मत के लिए मेंटेनेंस शेड भी परिसर की व्यवस्थाओं में शामिल हैं।
इस बस टर्मिनल को पहले चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस यानी CMBT के नाम से जाना जाता था। अक्टूबर 2018 में तमिलनाडु सरकार ने इसका नाम बदलकर पुरैची थलाइवर डॉ. एम.जी.आर. बस टर्मिनस (Puratchi Thalaivar Dr. M.G.R. Bus Terminus) कर दिया। यह नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकप्रिय अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन के सम्मान में रखा गया था।

