राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर। पति रामप्रसाद कुम्हार के लापता होने और अपहरण की आशंका जताकर हाई कोर्ट पहुंचीं पूजा कुम्हार की याचिका पर जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास और जस्टिस सुधीर कुमार की डिवीजन बेंच ने पुलिस को तलाश तेज करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आम आदमी की सुरक्षा को लेकर टिप्पणी की- “आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी सरकार की, गरीब आदमी की पूछपरख है भी या नहीं?” कोर्ट ने लापता के मोबाइल नंबर 9301447712 से संबंधित जानकारी और काल डिटेल रिकार्ड जुटाकर रामप्रसाद की आखिरी ज्ञात लोकेशन का पता लगाने कहा है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने बताया कि जांजगीर निवासी पूजा को आशंका है कि उसके देवर के ससुराल पक्ष के लोग रामप्रसाद के लापता होने में शामिल हो सकते हैं। आरोप है कि रामप्रसाद को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उसे जेल में बंद अपने भाई रामनारायण के मामले से अलग रहने को कहा गया था।
याचिका के मुताबिक रामनारायण पर अपनी सास की हत्या का आरोप है और वह जेल में है। रामप्रसाद भाई की मदद के लिए अदालत जाता और जेल में उससे मुलाकात करता था। इसी को लेकर उसके ससुराल पक्ष से विवाद और धमकी की बात सामने आई है।
हाई कोर्ट ने आशंका के आधार पर किसी की संलिप्तता को साबित नहीं माना है। संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए पुलिस को उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर रामप्रसाद की तलाश आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
