राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। ऑनलाइन साइबर ठगी के बाद रकम वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके दो पीड़ितों को नॉर्थ जोन पुलिस की कार्रवाई से बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से साइबर फ्रॉड के दो मामलों में कुल 15,737 रुपये पीड़ितों को वापस कराए हैं।
दोनों मामले गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के हैं। पुलिस के अनुसार समय पर साइबर फ्रॉड की जानकारी मिलने के बाद बैंकिंग लेन-देन को ट्रेस कर रकम रोकने और वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद यह सफलता मिली। पुलिस के मुताबिक सूर्या नगर गोगांव निवासी वर्षा कुमारी नेताम के साथ 27 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी।
ठगी की शिकायत मिलने के बाद गुढ़ियारी पुलिस ने MRM पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकिंग लेन-देन की जानकारी के आधार पर कार्रवाई शुरू की। लगातार प्रयास के बाद पीड़िता को 10,737 रुपये वापस करा दिए गए। इसी तरह गुढ़ियारी निवासी नागेश्वर कुमार के साथ पांच हजार रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था।
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैंकिंग चैनल से लेन-देन को ट्रैक किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद उनकी पूरी पांच हजार रुपये की राशि वापस करा दी गई। इस तरह दोनों मामलों में कुल 15,737 रुपये पीड़ितों को लौटाए गए हैं।
मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) साइबर फ्रॉड के मामलों में ठगी गई रकम की वापसी की प्रक्रिया में पुलिस, बैंक और संबंधित वित्तीय संस्थाओं के बीच समन्वय का माध्यम है। साइबर ठगी की सूचना मिलने के बाद संबंधित बैंकिंग लेन-देन की जानकारी के आधार पर रकम को रोकने और पीड़ित तक वापस पहुंचाने की कार्रवाई की जाती है।
हालांकि राशि की वापसी बैंकिंग लेन-देन की स्थिति और कार्रवाई के समय पर निर्भर करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराने या समय गंवाने के बजाय तत्काल 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और अपने बैंक को भी तुरंत सूचना दें।
पुलिस के अनुसार ठगी की सूचना जितनी जल्दी मिलेगी, संबंधित लेन-देन को रोकने और रकम वापस कराने की संभावना उतनी ही बेहतर रहेगी।

