राष्ट्रवाणी: मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नरेश शर्मा, रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में कोयला खदान के आबंटन के बाद जिन्दल ने इलाके में पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो अब तक हजारों हरे-भरे पेड़ काटे जा चुके हैं, और यह सिलसिला अनवरत जारी है.
इस पूरे घटनाक्रम पर गौर करें तो यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से 13% कम हुई बारिश: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा, मोहला-मानपुर में सबसे कम वर्षा, देखें आपके जिले का हाल
वही दूसरी तरफ प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मामले में वन विभाग के एसडीओ आशुतोष मांडवा ने बताया कि नागरमुडा गांव में जिन्दल की प्रस्तावित कोयला खदान के लिए विभाग से पेड़ कटाई की अनुमति मांगी गई थी, जिसके बाद विभाग ने 13537 पेड़ों को काटने की अनुमति दी है. मांडवा ने कहा कि कटाई की जद में जंगल में साल सहित कई प्रजाति के छोटे-बड़े पेड़ आएंगे.
विभागीय स्तर पर जारी बयानों के अनुसार, जानकार सूत्र और इस इलाके में सक्रिय रति कार्यकर्ता बताते हैं कि अब तक हजारों पेड़ो की कटाई हो चुकी है, और अनुमति से अधिक हरे-भरे पेड़ों को मशीन से काटा जा रहा है. बताया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए नागरमुडा के ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इस कटाई का विरोध कर रहे हैं.
विशेषज्ञों एवं संबंधित पक्षों का मानना है कि व्हाट्सएप पर LALLURAM.COM एमपी चैनल को फॉलो करेंhttps://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम से जुड़ी हर ताज़ा और सटीक अपडेट राष्ट्रवाणी अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।
