राष्ट्रवाणी: किसानों को कृषि यंत्रों पर 40-50% तक सब्सिडी मिल रही है, जिससे वे ट्रैक्टर, पावर टिलर जैसे उपकरण सस्ते में …और पढ़ें उत्तर प्रदेश में कृषि यंत्रों पर 40-50% सब्सिडी। ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर जैसे यंत्रों पर अनुदान। आवेदन 7 से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन करें।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आज के समय में हर क्षेत्र में तकनीकों और मशीनों का प्रयोग बढ़ा है। एग्रीकल्चर भी बिना मशीनों के आसान नहीं है। सरकार की ओर से एग्री मशीनरी को आसानी से और सस्ते दामों में किसानों तक उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से कई स्कीमें चलाई जाती हैं।
खेती में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने के लिए उत्तर प्रदेश में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी पाने का मौका है। अक्टूबर 2026 में शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया के तहत किसान ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, सीड ड्रिल और एग्री प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
पात्र किसानों को योजना के नियमों के अनुसार 40 से 50 फीसदी तक सब्सिडी मिल सकती है। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना में 2166 अवशेष कृषि यंत्र साथ ही प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मैनेजमेन्ट ऑफ काप रेज्डि्यू के तहत 1755 अवशेष कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के तहत किसान कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग पोर्टल पर 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर और अन्य कृषि उपकरणों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है, अगर किसी ट्रैक्टर की कीमत ₹10 लाख है, तो 50 फीसदी सब्सिडी मिलने पर किसान को इसके लिए सिर्फ ₹5 रुपये चुकाने होंगे।
हालांकि, वास्तविक सब्सिडी की राशि योजना के नियमों, किसान की कैटेगरी और निर्धारित अधिकतम सीमा पर निर्भर करेगी। कुछ कैटेगरी में अधिकतम सब्सिडी ₹2 लाख से ₹3 लाख तक हो सकता है। वहीं, रोटावेटर, सीड ड्रिल और अन्य छोटे कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उनकी सरकारी स्वीकृत लागत के आधार पर निर्धारित होगी।
इसलिए आवेदन करने से पहले किसान संबंधित कृषि यंत्र पर लागू सब्सिडी रेट, अधिकतम सीमा और पात्रता की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांच लें।

