राष्ट्रवाणी: न्यूज, कवर्धा। सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को निकलने वाली भोरमदेव पदयात्रा को लेकर कबीरधाम पुलिस ने जिले का ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। यदि आप सोमवार को शहर या भोरमदेव मार्ग से होकर गुजरने वाले हैं तो पहले नया यातायात मार्ग जान लेना जरूरी है। हजारों शिवभक्तों की सुरक्षित एवं निर्बाध पदयात्रा को देखते हुए भोरमदेव तिराहा, भारत माता चौक, समनापुर तिराहा और राजमहल चौक से वाहनों का डायवर्सन रहेगा। वहीं समनापुर से भोरमदेव मंदिर तक भारी और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने तथा पुलिस की यातायात व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई है। तीन अगस्त को पदयात्रा के दौरान शहर और भोरमदेव मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने के लिए भोरमदेव तिराहा, भारत माता चौक, समनापुर तिराहा तथा राजमहल चौक से वाहनों का डायवर्सन किया जाएगा। भोरमदेव जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य नागरिकों के लिए सरोधा मार्ग को वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए छपरी स्कूल परिसर, ग्राम छपरी स्थित भूमि तथा भोरमदेव मेला स्थल को पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है। केवल प्रथम सोमवार ही नहीं बल्कि पूरे श्रावण मास में भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे महीने 500 से अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, होमगार्ड जवान एवं स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यात्रा मार्गों पर 8 सेक्टर पेट्रोलिंग वाहन लगातार गश्त करेंगे, जबकि प्रमुख मार्गों एवं प्रवेश बिंदुओं पर 8 चेक पोस्ट के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। भीड़भाड़ वाले स्थानों, मंदिर परिसर और पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। नियंत्रण कक्ष से लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। अंधे मोड़ों, ढलानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष यातायात पिकेट भी तैनात किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर भारी वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकेगी। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालु और नागरिक निर्धारित डायवर्सन, पार्किंग व्यवस्था एवं यातायात नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 अथवा निकटतम पुलिस अधिकारी से संपर्क करें। सभी के सहयोग से ही यह पदयात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न होगी। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर को ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो’ भी कहा जाता है। ग्यारहवीं शताब्दी में फणि नागवंशियों द्वारा निर्मित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। सावन के पवित्र महीने में इस प्राचीन स्थल का धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है, जहां दूर-दूर से शिवभक्त आकर जलाभिषेक करते हैं। भोरमदेव पदयात्रा इस क्षेत्र की एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु नंगे पांव बोल बम के जयकारों के साथ मंदिर पहुंचते हैं।
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