राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। दिवाली और छठ पूजा में अभी एक महीने से ज्यादा समय है, लेकिन रायपुर से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटों का संकट अभी से दिखाई देने लगा है। 5 से 16 नवंबर के बीच प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और एसी थर्ड क्लास में लंबी वेटिंग है।
कई ट्रेनों में कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं है। रेलवे एप पर उपलब्ध स्थिति के अनुसार गरीब रथ में वेटिंग 146 तक पहुंच गई है। गोंदिया एक्सप्रेस में 88 और दक्षिण बिहार एक्सप्रेस में 80 तक वेटिंग है।
इस साल दीपावली 8 नवंबर और छठ पूजा 15 नवंबर को है। त्योहार के आसपास घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों पर दबाव बढ़ रहा है। खासकर बिहार और पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में अभी से आरक्षण मुश्किल हो गया है।
रायपुर से लखनऊ जाने वाली गरीब रथ (12536) में वेटिंग 146 तक पहुंच गई है। रायपुर-बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस (15232) में 88 और रायपुर-पटना दक्षिण बिहार एक्सप्रेस (13288/13287) में 80 तक वेटिंग दर्ज है। रायपुर से पुणे-हावड़ा रूट की आजाद हिंद एक्सप्रेस (12130/12129) में 50, रायपुर-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस (15159/15160) में 50 और रायपुर-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस (12410/12409) में 46 तक वेटिंग है।
छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति (12824/12823) में 45 और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18238/18237) में 40 तक वेटिंग पहुंच चुकी है। रायपुर-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस (12854/12853) में भी 20 तक वेटिंग है। वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस (12860/12859) में नो-रूम की स्थिति बताई गई है।
दिवाली के बाद बिहार और पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। छठ पूजा के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने गांव लौटते हैं। ऐसे में जिन यात्रियों ने अभी तक आरक्षण नहीं कराया है, उनके सामने कंफर्म बर्थ हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रेलवे की ओर से देशभर में त्योहारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों और फेरे घोषित किए जा रहे हैं। अलग-अलग जोन में स्पेशल ट्रेनों की घोषणाएं भी शुरू हो गई हैं। त्योहारी भीड़ के बीच एक और चुनौती सामने है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के राजखरसवां सेक्शन में ट्रैक नवीनीकरण के लिए 24 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक मंगलवार और शुक्रवार को मेगा ब्लॉक प्रस्तावित है। इससे कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा। टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस सहित कुछ ट्रेनों के फेरे रद होंगे, जबकि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।
यानी त्योहार के दौरान सीटों का संकट खत्म होने के बाद भी यात्रियों को परिचालन में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
