इस्तांबुल: तुर्किये के पश्चिमोत्तर में बर्सा शहर के बाहर जंगल की आग संबंधी घटनाओं में दो स्वयंसेवकों की मौत हो गई और इसी के साथ जून के अंत से अब तक आग से मारे गए लोगों की संख्या बढकर 17 हो गई है।

समाचार एजेंसी ‘आईएसए’ के अनुसार, ये दोनों स्वयंसेवक पानी के एक टैंकर के नीचे से निकाले गए थे, जो जंगल की आग बुझाने के लिए जाते वक्त पलट गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों स्वयंसेवकों की मौत हो गई।

तुर्किये के चौथे सबसे बड़े शहर बर्सा के आसपास इस सप्ताहांत भीषण आग लगी, जिससे 3,500 से अधिक लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। तापमान में असामान्य वृद्धि, शुष्क मौसम और तेज़ हवाओं के कारण आग की तीव्रता बढ़ी है। तुर्किये समेत पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी है।

बर्सा के आसपास लगी आग तुर्किये में पिछले महीने हुई आग की कई घटनाओं में से एक है। हालांकि अग्निशमन दल ने कई मकानों को जलने से बचा लिया है, लेकिन जंगल का बड़ा हिस्सा राख हो गया है। तुर्किये के वन मंत्री इब्राहिम युमाकली ने रविवार को बताया कि तुर्किये में कम से कम 44 अलग-अलग जगह आग लगी है। बर्सा के अलावा कराबुक (उत्तर-पश्चिम) और काह्रमांमारस (दक्षिण) में लगी आग सबसे गंभीर हैं।

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