राष्ट्रवाणी: UPI Payment Rule: डिजिटल पेमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जहां UPI भुगतानों पर 40 बेसिस पॉइंट का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। UPI भुगतानों पर 40 बेसिस पॉइंट का MDR लागू होगा। यह चार्ज बड़े व्यापारियों और ₹2000 से अधिक के लेनदेन पर। आम यूजर्स और छोटे दुकानदारों के लिए UPI मुफ्त रहेगा। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पिछले छह सालों से जीरो-चार्ज (Zero-MDR) मॉडल पर चल रहे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) में अब एक बड़ा नियम लागू होने वाला है। भारत सरकार और रिजर्व बैंक जल्द ही UPI भुगतानों पर 40 बेसिस पॉइंट (40bps) का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तैयरी में है। इस फैसले से बैंकिंग सेक्टर और पेमेंट कंपनियों (जैसे गूगल Pay, Phonepay, Paytm) की बंपर कमाई होने वाली है। आइए जानते हैं इस नई नोटिफिकेशन से क्या क्या बदलेगा। यह नियम सभी पर लागू नहीं होगा। रिपोर्ट की मानें तो यह चार्ज केवल बड़े मर्चेंट्स पर लगाया जाएगा। जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर ₹1 से ₹1.5 करोड़ से अधिक है, उन पर यह MDR लागू होगा। साथ ही यह चार्ज केवल उन भुगतानों पर लगेगा, जो ₹2000 से अधिक के होंगे। आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आम यूजर्स (P2P भुगतानों) और छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर आप अपने दोस्त को पैसे भेज रहे हैं, या चाय-समोसे वाले, सब्जी वाले या किसी छोटे दुकान पर क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके पेमेंट कर रहे हैं, तो यह पहले की तरह ही बिल्कुल फ्री रहेगा। इस 40 bps यानी 0.40% की फीस का सबसे बड़ा हिस्सा बैंकों की जेब में जाएगा। इस फीस का बंटवारा 40-30-30 के फॉर्मूले पर किया जाएगा। 1. इश्यूइंग बैंक (Issuing bank): जिस बैंक के खाते से पैसे कटेंगे, उसे इस फीस का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 40% मिलेगा। 2. पेमेंट ऐप्स (Payment apps): थर्ड पार्टी एप्लिकेशन जैसे गूगल Pay, Phonepay, Paytm आदि को 30% हिस्सा मिलेगा। 3. अक्वायरिंग बैंक (Acquiring Bank): जिस बैंक के खाते में (मर्चेंट के पास) पैसे जमा होंगे, उसे भी 30% हिस्सा मिलेगा। जनवरी 2020 से भारत में UPI और RuPay डेबिड कार्ड पर MDR जीरो कर दिया गया था। इसके बाद से देश में डिजिटल पेमेंट ने रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की, लेकिन इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालने वाले बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कोई सीधा मुनाफा नहीं हो रहा था। इस नई अधिसूचना के लागू होने से पेमेंट कंपनियों और बैंकों की लागत की भरपाई हो सकेगी और उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने का फंड मिलेगा।

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