राष्ट्रवाणी: gst on upi transaction: 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा, जिस पर …और पढ़ें UPI पेमेंट पर MDR और जीएसटी का नया नियम: ₹2000 से अधिक भुगतान पर क्या होगा असर जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 15 अक्टूबर से दो हजार रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा और इस MDR पर 18% जीएसटी भी देना होगा।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी पूरे पेमेंट की रकम पर नहीं, बल्कि केवल MDR या लगाए गए शुल्क पर लगेगा। इसका सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जिनसे इस तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 15 अक्टूबर से पर्सन टू मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन में 2,000 हजार से ज्यादा की रकम पर 0.4% MDR लागू होगा।
MDR यानी मर्चेंज डिस्काउंट रेट एक तरह की बैक-एंड फीस है, जिसे कारोबारियों को वहन करना होता है। यह रकम बैंक ट्रांजैक्शन सेटलमेंट के दौरान अपने आप काट लेता है। सबसे अहम बात यह है कि 18% जीएसटी 2,000 हजार रुपए या उससे ज्यादा के पूरे UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा।
जीएसटी सिर्फ MDR की रकम पर लगेगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक 10 हजार रुपए का UPI पेमेंट करता है तो 0.4% MDR के हिसाब से कारोबारी से 40 रुपए MDR लिया जाएगा। इस 40 रुपए पर 18% जीएसटी यानी 7.20 रुपए लगेगा।
इस तरह कारोबारी की कुल लागत 47.20 रुपए होगी। यानी 10 हजार रुपए के पेमेंट पर 18% जीएसटी की गणना 10 हजार रुपए पर नहीं, बल्कि 40 रुपए के MDR पर होगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारी MDR पर दिए गए 18% जीएसटी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के तौर पर क्लेम कर सकेंगे।
हालांकि ITC का लाभ उन्हीं कारोबारियों को मिलेगा जिनकी ओर से सप्लाई की जाने वाली वस्तुएं या सेवाएं क्रेडिट के लिए पात्र हैं। जहां किसी खास ट्रांजैक्शन पर MDR की जगह ₹5 की फ्लैट फीस लागू होती है, जैसे कुछ रेलवे पेमेंट में, वहां 18% जीएसटी इसी ₹5 की फीस पर लगेगा। इसी तरह अगर किसी मामले में MDR पर ₹300 की अधिकतम सीमा तय है, तो संबंधित नियमों के तहत लागू MDR रकम पर ही जीएसटी लगाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह मुख्य रूप से प्रोसीजर से जुड़ा बदलाव है। UPI ट्रांजैक्शन की मौजूदा छूट वाली कैटेगरी में बदलाव नहीं किया गया है। जहां MDR या कोई शुल्क नहीं लिया जाता, वहां इस आधार पर नया जीएसटी नहीं लगेगा।
फिलहाल क्रेडिट और डेबिट कार्ड के MDR पर 18% जीएसटी लागू होता है, क्योंकि प्रोसेसिंग फीस को टैक्सेबल सर्विस से जुड़ा शुल्क माना जाता है। अब पात्र UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR के साथ भी यही जीएसटी व्यवस्था लागू होगी।

