सुकमा. छत्तीसग­ढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले के एक पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मुलाकात की और अधिकारियों से कहा कि वे शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में उनके दौरे की व्यवस्था करें ताकि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिल सके.

कभी माओवादियों का ग­ढ़ माने जाने वाले सुकमा में अब उग्रवाद रोधी प्रयासों में महत्वपूर्ण प्रगति देखी जा रही है, तथा केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक छत्तीसग­ढ़ के साथ-साथ पूरे देश को नक्सल समस्या से मुक्त करना है. पिछले 23 महीनों में छत्तीसग­ढ़ में 2,100 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि वरिष्ठ नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने पिछले महीने महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में 60 अन्य कैडरों के साथ हथियार डाल दिए.

गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे शर्मा ने शनिवार देर शाम सुकमा शहर में पुनर्वास केंद्र का औचक दौरा किया, जहां अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले 94 नक्सली रह रहे हैं, जिनमें 54 पुरुष और 40 महिलाएं हैं. आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने वाले युवाओं के साथ चौपाल की. उपमुख्यमंत्री युवाओं के साथ जमीन पर बैठे, उनकी चिंताओं और अनुभवों को सुना और अधिकारियों को उन्हें उचित भोजन, आवास एवं अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया.

विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने अधिकारियों को पुनर्वास केंद्र में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और अगले महीने शीतकालीन सत्र के दौरान रायपुर में विधानसभा के उनके दौरे की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया, ताकि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सरकारी कामकाज को समझने में मदद मिल सके.

शर्मा ने उनकी शिक्षा, कृषि गतिविधियों और परिवार के सदस्यों से मिलने के बारे में भी पूछताछ की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब भी अनुरोध किया जाए, परिवार को मिलने की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा, ”यदि किसी पुनर्वासित युवा के परिवार के सदस्य जेल में बंद हैं और युवा उनसे मिलना चाहता है, तो इसकी व्यवस्था की जाए.” विज्ञप्ति के मुताबिक, शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि यदि पुनर्वासित युवाओं में से कोई भी विवाह करना चाहता है तो प्रशासन उनके लिए सामुदायिक विवाह समारोह की व्यवस्था करेगा.

आत्मसमर्पण करने वाले कुछ नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि उनके मूल दस्तावेज. अधूरे हैं. शर्मा ने तुरंत ज़िला प्रशासन को दस्तावेज. प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए. अधिकारियों के अनुसार, सुकमा स्थित पुनर्वास केंद्र वर्तमान में राजमिस्त्री, कृषि आधारित उद्यमिता और सिलाई-क­ढ़ाई का प्रशिक्षण प्रदान करता है.

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