मुंबई. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी मंगलवार को लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए. फौरन सामान पहुंचाने वाली कंपनियों और निजी बैंकों के शेयरों में आई तेजी का असर तेल एवं गैस और आईटी कंपनियों के शेयरों में हुए नुकसान के कारण जाता रहा.

बीएसई का तीस शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 13.53 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 82,186.81 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 337.83 अंक तक चढ़ गया था, लेकिन बाद में यह अपनी बढ़त गंवा बैठा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 29.80 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,060.90 अंक पर बंद हुआ.

विशेषज्ञों का कहना है कि एक अगस्त की समयसीमा से पहले अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर स्पष्टता की कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की मुनाफावसूली से बाजार धारणा प्रभावित हुई. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से इटर्नल (पूर्व में जामैटो) में सबसे ज्यादा 10.56 प्रतिशत की तेजी आई. जोमैटो और ब्लिंकिट ब्रांड का संचालन करने वाली कंपनी इटर्नल ने सोमवार को जून तिमाही में अपना एकीकृत शुद्ध लाभ 25 करोड़ रुपये रहने की सूचना दी. उसके बाद से कंपनी के शेयरों में तेजी है.

इसके अलावा, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए. दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स, अदाणी पोर्ट्स, भारतीय स्टेट बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट का रुख रहा.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”बाजार की नजरें कंपनियों के तिमाही नतीजों पर लगी हुई हैं. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की एक अगस्त की समयसीमा करीब आने से दो दिन से जारी तेजी थम गई.” नायर ने कहा कि पहली तिमाही के बेहतर नतीजे प्रीमियम मूल्यांकन का दौर कायम रखने के लिए जरूरी हैं, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव बना हुआ है.

मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 0.62 प्रतिशत गिर गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.17 प्रतिशत की गिरावट रही. क्षेत्रवार सूचकांकों में से रियल्टी खंड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि दूरसंचार खंड में 0.87 प्रतिशत और वाहन खंड में 0.78 प्रतिशत का नुकसान रहा.

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”बाजार एक दायरे में बना रहा और कमोबेश स्थिर बंद हुआ. यह मिले-जुले संकेतों के बीच एक ठहराव को दर्शाता है. दरअसल, बाजार को किसी स्पष्ट दिशा का इंतजार है.” एशिया के अन्य बाजारों में, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में ज्यादातर में गिरावट रही. सोमवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,681.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,578.43 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.54 डॉलर प्रति बैरल रहा. सेंसेक्स सोमवार को 442.61 अंक चढ़ा था जबकि निफ्टी में 122.30 अंक की तेजी रही थी.

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