नयी दिल्ली. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने बुधवार को केंद्र से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा जिले की कोयला परियोजना को रोका जाए क्योंकि इससे लगभग 1,742 हेक्टेयर घने वन क्षेत्र के नष्ट होने का खतरा है.
उन्होंने दावा किया कि अगर यह परियोजना आगे बढ़ती है तो कम से कम 4.5 लाख पेड़ काटे जाएंगे. राज्य के वन विभाग ने पिछले दिनों सरगुजा जिले के जैव विविधता से समृद्ध हसदेव अरंड वन में ‘केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक’ परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि के इस्तेमाल को मंजूरी देने की अनुशंसा की है.

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखे अपने पत्र में वरिष्ठ वामपंथी नेता ने कहा कि जैसा कि दावा किया जा रहा है, इस परियोजना में कोई ”जनहित” शामिल नहीं है, बल्कि यह ”केवल निजी लाभ के लिए खनिज संसाधनों का दोहन” है.
करात ने कहा, ”मैं आपको छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक परियोजना के संचालन को हरी झंडी देने के विनाशकारी निर्णय का कड़ा विरोध करने और उसे पलटने के लिए आपके हस्तक्षेप का अनुरोध करने के लिए लिख रही हूं.” उन्होंने आगाह किया कि अगर यह परियोजना आगे बढ़ाई गई, तो खनन गतिविधियों से पहले से ही प्रभावित क्षेत्रों में मौजूदा पर्यावरणीय क्षति और बढ़ जाएगी.

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