कोझिकोड. केरल में विपक्षी दल कांग्रेस ने भगवान अयप्पा पर एक वैश्विक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मंगलवार को केरल की वाम सरकार पर निशाना साधा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत धड़े पर 2024 के चुनाव में हार के कारण ”बहुसंख्यक सांप्रदायिकता का तुष्टिकरण” करने का आरोप लगाया.

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने सबरीमला में आयोजित किए जा रहे वैश्विक अयप्पा संगमम का जिक्र करते हुए वामपंथी सरकार से प्रश्न किया कि माकपा को भगवान अयप्पा के पहाड़ी मंदिर के प्रति इतना स्नेह कब से हो गया? कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ” सबरीमला के नाम पर वे बहुसंख्यक सांप्रदायिकता का तुष्टिकरण कर रहे हैं. वे 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद से ऐसा तुष्टिकरण कर रहे हैं.” दिलचस्प बात ये है कि राष्ट्रीय स्तर पर वाम दल विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक हैं, लेकिन कांग्रेस और वामपंथी दल इस दक्षिणी राज्य में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं.

कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 20 में से 18 सीट जीतकर शानदार सफलता हासिल की थी. सतीशन ने तंज किया कि वामपंथी दल संघ परिवार के साथ मिलकर अयप्पा कार्यक्रम आयोजित करे, क्योंकि ”दोनों हर मुद्दे पर एकमत हैं.” उन्होंने दावा किया, “हमें (विपक्ष को) कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया है.” वैश्विक अयप्पा संगमम का आयोजन त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) द्वारा केरल सरकार के सहयोग से 20 सितंबर को पम्पा में किया जा रहा है.

वहीं, भाजपा की केरल इकाई ने चुनाव से कुछ महीने पहले इन आयोजनों को “नाटक” और “लोगों को मूर्ख बनाने” की रणनीति का हिस्सा बताया है. केरल में अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. केरल सरकार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है, जिसका भाजपा ने कड़ा विरोध किया और कहा कि उसके कार्यकर्ता इन नेताओं की भागीदारी का विरोध करेंगे.

हालांकि, स्टालिन ने पिनराई विजयन को सूचित किया है कि वह पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे और अपनी ओर से दो मंत्रियों को इसमें भाग लेने के लिए भेजेंगे. वहीं, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कहा था कि अगर विजयन और स्टालिन हिंदुओं का कथित तौर पर ‘अपमान’ करने के लिए उनसे माफी नहीं मांगते हैं, तो पार्टी इस कार्यक्रम में उनके शामिल होने का ‘विरोध’ करेगी.

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