नयी दिल्ली/मुंबई. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम और उसके सहयोगी स्टाफ को पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीतने के लिए सोमवार को 51 करोड़ रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की. हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वैश्विक ट्रॉफी जीती.
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को पीटीआई को बताया, ” बीसीसीआई विश्व कप जीतने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को सम्मान के तौर पर 51 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगा. इसमें सभी खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ और राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य शामिल हैं.” बोर्ड ने बाद में बयान में कहा कि इस शानदार सफलता का सम्मान करने के लिए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, सहायक स्टाफ और चयन समिति के लिए 51 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है जो देश की खेल की शान में उनके बेहतरीन प्रदर्शन, लगन और योगदान को देखते हुए दिया गया है. बीसीसीआई ने भारत में महिला क्रिकेट के लिए जय शाह की ‘अहम भूमिका’ पर भी जोर दिया. जय शाह पहले बोर्ड के सचिव थे और अब आईसीसी के चेयरमैन हैं.
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीतने पर बधाई दी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को पहला विश्व कप जीतने पर सोमवार को बधाई दी और कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि खेल को और ऊंचाइयों तक ले जाएगी.
राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर लिखा, “लड़कियों ने जिस तरह से भारत का मान बढ़ाया है, मैं उसकी सराहना करती हूँ .” भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका पर 52 रन की जीत के साथ अपना पहला विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया और देश की खेल उपलब्धियों में एक ्स्विवणम अध्याय जोड़ दिया.
मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”जिस तरीके से लड़कियों ने भारत को गौरवान्वित किया है, उसकी मैं सराहना करती हूं.” उन्होंने कहा, ”भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रत्येक सदस्य को आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 जीतने पर हार्दिक बधाई! उन्होंने पहली बार इसे जीतकर इतिहास रच दिया है.” राष्ट्रपति ने कहा, ”वे अच्छा खेलती रही हैं और आज उन्हें अपनी प्रतिभा एवं प्रदर्शन के अनुरूप परिणाम मिला. यह ऐतिहासिक क्षण महिला क्रिकेट को और भी ऊंचे स्तर पर ले जाएगा. लड़कियों ने भारत को जिस तरह से गौरवान्वित किया है, मैं उसकी प्रशंसा करती हूं.” उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इस जीत को ऐतिहासिक उपलब्धि और राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण बताया.
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “बल्ले और गेंद से शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के शानदार प्रदर्शन ने भारत को यह यादगार जीत दिलाई.” उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की दृढ़ता, कौशल और अदम्य भावना ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है और देश को गौरवान्वित किया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पूरा देश इस सफलता से बेहद खुश है.
यहां आयोजित उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “यह कार्यक्रम विज्ञान से जुड़ा है, लेकिन पहले मैं भारत की शानदार क्रिकेट जीत की बात करूंगा.” उन्होंने कहा, “पूरा भारत अपनी क्रिकेट टीम की सफलता से उत्साहित है. यह भारत का पहला महिला विश्व कप खिताब है. मैं हमारी महिला क्रिकेट टीम को बधाई देता हूं. हमें आप पर गर्व है. आपकी सफलता देशभर के लाखों युवाओं को प्रेरित करेगी.”
मैने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर करना चाहती थी : दीप्ति शर्मा
भारत की महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप में खिताबी जीत की नायिकाओं में से एक दीप्ति शर्मा ने कहा कि अपनी धरती पर आईसीसी विश्व खिताब जीतना टीम की नियति में था . दीप्ति ने फाइनल में पांच विकेट लेने के साथ 58 रन भी बनाये . उन्होंने 22 विकेट लेने के साथ 215 रन बनाकर ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार जीता .
दीप्ति ने पीटीआई वीडियो से कहा ,” मुझे अच्छा लग रहा है . विश्व कप में पहले मैच से लेकर मैने वैसा ही प्रदर्शन किया जो एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर करना चाहती थी . फाइनल में ऐसा प्रदर्शन करने से बढकर कुछ नहीं हो सकता .” विश्व खिताब के लिये लंबे इंतजार को लेकर उन्होंने कहा ,” विश्व कप जीतने में काफी समय लगा लेकिन ईश्वर ने हमारी नियति में लिखा था कि हम भारत में ही यह खिताब जीतेंगे .”
उन्होंने कहा ,” डी वाई पाटिल स्टेडियम की मेरी कई सुखद यादें हैं . हमने यहां सारी श्रृंखलायें जीती है . एक टीम के रूप में हम काफी सकारात्मक रहे . नतीजा चाहे जो हो, हम एक टीम की तरह खेले .” दीप्ति ने कहा ,” हम यह खिताब जीतना चाहते थे क्योंकि यह टूर्नामेंट भारत में हो रहा था . हर गेंद पर लग रहा था कि यह मैच जल्दी खत्म होगा और हम जीतेंगे . अब वह इंतजार खत्म हो गया .”
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत हमारी नारी शक्ति का सम्मान : मांडविया
पहली बार विश्व कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अभिनंदन करते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि यह जीत भारत की नारी शक्ति का सम्मान है , उसकी जीत है . हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने रविवार को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर लगभग पांच दशक के इंतजार को खत्म करते हुए पहली बार आईसीसी विश्व कप जीता .
भारतीय हॉकी के सौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की घोषणा के लिये आयोजित कार्यक्रम से इतर मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर खेलमंत्री ने कहा ,”भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अभिनंदन है . हमारी महिला क्रिकेट टीम ने कल कमाल कर दिया और विश्व विजेता बनकर नारी शक्ति का परिचय दिया .” उन्होंने कहा,” उनकी यह जीत देश की नारी शक्ति का सम्मान है , उनकी विजय है .” मांडविया ने दोहराया ,”देश खेलों में आगे बढ रहा है . देश बदल रहा है और नये भारत का निर्माण हो रहा है जिसमे हमारा लक्ष्य 2036 तक दुनिया के दस शीर्ष और 2047 तक शीर्ष पांच खेल देशों में शामिल होना है .” सात नवंबर को भारतीय हॉकी के सौ साल पूरे हो रहे हैं और इस अवसर पर हॉकी इंडिया के साथ मिलकर सात नवंबर को ध्यानचंद स्टेडियम से जश्न की शुरूआत होगी .
मांडविया ने कहा ,”सौ साल में हॉकी ने देश को गौरव और सम्मान दिलाया है . इस अवसर पर पूरे देश में 550 से अधिक जिलों में 1400 से अधिक हॉकी मैचों का आयोजन किया जायेगा जिसमें 36000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे ताकि देश के युवा हॉकी को समझे और इसके इतिहास से परिचित हो .” उन्होंने कहा ,” यह भारतीय हॉकी के सौ साल के सफर को याद करने और इससे प्रेरणा लेकर आगे बढने का संकल्प लेने का अवसर है . अतीत के सारे महान खिलाड़ियों को याद करने और आने वाले दिनों में नयी ऊर्जा के साथ भारतीय हॉकी को और आगे ले जाना और देश में उसका इकोसिस्टम तैयार करने का संकल्प लेने का अवसर है .”
जब लगातार आलोचना हो रही थी तब हरमन और स्मृति ने टीम को एकजुट रखा: नीतू डेविड
नीतू डेविड को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के तौर पर अपने पांच साल के कार्यकाल के इससे बेहतर समापन की उम्मीद नहीं होगी क्योंकि उन्होंने रविवार रात को हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम के विश्व कप जीतने से पहले बड़े मंच पर कई दिल तोड़ने वाले पल देखे थे.
हाल ही में नई चयन समिति नियुक्त की गई थी लेकिन नीतू और उनकी टीम ने ही स्वेदश में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के लिए टीम चुनी थी. सभी तरह के संसाधन होने के बावजूद भारतीय महिला टीम का विश्व खिताब जीतने का इंतजार लंबा होता जा रहा था जिसमें आईसीसी प्रतियोगिताओं में अच्छी स्थिति में होने के बावजूद हारना आम बात हो गई थी. हरमनप्रीत, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स सहित सीनियर खिलाड़ियों की अहम पलों में लड़खड़ाने के लिए कड़ी आलोचना हुई थी. घरेलू दर्शकों के सामने भारत ने हालांकि परीकथा जैसा अंत किया और किस्मत तथा हिम्मत के सही मेल से आखिरकार ट्रॉफी जीत ली गई.
नवी मुंबई में इस शानदार नतीजे के बाद पीटीआई से बात करते हुए आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल और पूर्व भारतीय स्पिनर नीतू ने उन वजहों के बारे में बताया कि वर्षों की निराशा के बाद इस बार भारत कैसे जीत हासिल कर पाया. नीतू ने कहा कि इस टीम की काफी आलोचना हुई थी लेकिन सीनियर खिलाड़ियों ने टीम को एकजुट रखा और इसका फायदा मिला.
उन्होंने कहा, ”इस टीम की बहुत आलोचना हुई. कोच आए और गए. बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए. लोग कह रहे थे कि जब बीसीसीआई उनके लिए सब कुछ कर रहा है तब भी वे हारते रहते हैं. लोगों ने कहा कि वे हर बार ऑस्ट्रेलिया से हार जाते हैं लेकिन सीनियर खिलाड़ियों (हरमन, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा) ने टीम को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई.” नीतू ने कहा, ”जब अमोल मजूमदार मुख्य कोच बने (अक्टूबर 2023 में) तो उनका विजन साफ था. यह अब या कभी नहीं वाली बात थी. पिछले 18 महीनों में लड़कियों और सहायक स्टाफ की कड़ी मेहनत मैंने खुद शिविर में देखी है, अब यह सबके सामने है.” नीतू ने कहा कि आलोचना के बावजूद सीनियर खिलाड़ियों ने इसे सकारात्मक रूप से लिया क्योंकि अगर वे नकारात्मक हो जातीं तो शायद वापसी नहीं कर पातीं.
उन्होंने कहा, ”जब आपकी आलोचना होती है तो आपको बुरा लगता है लेकिन उन्होंने (हरमन, स्मृति, जेमी, दीप्ति) इसे सकारात्मक तरीके से लिया. अगर वे नकारात्मक हो जातीं तो शायद वे वापसी नहीं कर पातीं. नतीजा आपके सामने है. स्वदेश में इतने अधिक दबाव वाले माहौल में प्रदर्शन करना. लड़कियों दबाव से काफी अच्छी तरह से निपटीं.”
